
Indain Railway: छत्तीसगढ़ में कोटमी सोनार के समीप रविवार को एक बड़ा रेल हादसा होते-होते टल गया, जब यात्रियों से भरी छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस और एक मालगाड़ी एक ही पटरी पर आ गईं। व। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों ट्रेनों के एक ही ट्रैक पर आने से कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि रेलवे अधिकारियों की तत्परता से संभावित दुर्घटना टल गई।
जानकारी के अनुसार, कोटमी सोनार के समीप छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस और एक मालगाड़ी एक ही ट्रैक पर दिखाई दीं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोनों ट्रेनों को एक साथ देखकर कुछ समय के लिए यात्रियों और स्थानीय लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सोशल मीडिया पर भी इस घटना का वीडियो वायरल होने लगा, जिसमें संभावित रेल हादसे का दावा किया गया।
हालांकि, रेलवे अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस तरह की स्थिति ऑटोमैटिक सिग्नलिंग प्रणाली में पूरी तरह सुरक्षित और नियंत्रित होती है। अधिकारियों के अनुसार, एक ही ट्रैक पर निर्धारित दूरी बनाए रखते हुए तीन से चार ट्रेनों का परिचालन किया जा सकता है और इसमें किसी प्रकार की दुर्घटना की आशंका नहीं रहती।
रेल प्रशासन ने बताया कि ऑटोमैटिक सिग्नलिंग व्यवस्था में ट्रेनों के बीच लगभग 60 से 70 मीटर की सुरक्षित दूरी सुनिश्चित की जाती है। सिग्नल प्रणाली पूरी तरह तकनीकी नियंत्रण में रहती है और ट्रेनों की गति व दूरी का लगातार निगरानी के साथ संचालन किया जाता है। इसलिए एक ही ट्रैक पर मालगाड़ी और यात्री ट्रेन का परिचालन होना सामान्य प्रक्रिया है।
रेलवे ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल किए जा रहे वीडियो के आधार पर भ्रम फैलाया जा रहा है। प्रशासन के मुताबिक, वायरल वीडियो कब का है, इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। ऐसे में केवल वीडियो देखकर दुर्घटना की आशंका जताना उचित नहीं है।
रेल प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर प्रसारित भ्रामक या अपुष्ट जानकारी पर विश्वास न करें। किसी भी रेल संचालन से जुड़ी जानकारी के लिए केवल रेलवे के आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें। रेलवे अधिकारियों ने दोहराया कि ऑटोमैटिक सिग्नलिंग प्रणाली आधुनिक और सुरक्षित तकनीक पर आधारित है तथा इसके तहत ट्रेनों का संचालन पूरी सावधानी और मानकों के अनुसार किया जाता है। इसलिए यात्रियों को किसी भी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।