
Chhattisgarh Heavy Rain: छत्तीसगढ़ में आसमान से बारिश के साथ आफत भी बरस रही है। पिछले 36 घंटे से हो लगातार मूसलाधार बारिश ने पूरे प्रदेश में बाढ़ जैसे हालात पैदा कर रफ्तार से हवाओं ने ने कहर मचाया हैं। कहीं सड़कें बह गई, कहीं लोग बाढ़ के पानी में फंस गए, जिन्हें रेस्क्यू कर सुरक्षित निकाला जा रहा हैं। जिलों में नदियां खतरे के निशान के करीब बह रही है। कई एनीकट से ऊपर से पानी बह रहा है। दर्जनों गांवों का जिला मुख्यालयों से संपर्क टूट चुका है।
मौसम विभाग ने साफ कर दिया है कि 8 जुलाई से पहले राहत मिलने के आसार कम है। लगातार 36 घंटे से हो रही बारिश ने निर्माण कार्यों के गुणवत्ता की भी पोल खोल दी है। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में सड़के टूट गई हैं, पुल-पुलियां क्षतिग्रस्त हो गई हैं। राजनांदगांव के रेलवे ओवर बिज्ञ की सड़क बीचो-बीच फट गई, वहीं जिला अस्पताल में पानी मरीजों के बेड तक पहुंच गया। मौसम विभाग ने निकले इलाके में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम विभाग की एडवाजरी का पालन करने की अपील की है।
छुरा गरियाबंद के बीजापाल व जोगी गांव में पुल बनाने के कार्य में लगे 14 मजदूर अचानक बगनई नदी में आए तेज बहाव के कारण बीच धारा में फंस गए। जान बचाने के लिए मजदूरों को नदी किनारे मौजूद एक पेड़ का सहारा लेना पड़ा। सभी मजदूरों ने पूरी रात पेड़ पर ही बिताई सुबह रेस्क्यू टीम ने बाहर निकाला।
शहर के रेलवे स्टेशन की छत से ऐसी बारिश हुई कि यात्री तरबतर हो गए। रविवार को सोशल मीडिया में इस वीडियो के हजारों लोगों ने देखा और व्यवस्था पर सवाल उठाएं।
खरीफ फसल के लिए बारिश को बेहतर माना जा रहा है, लेकिन कई जगह पेड़ और बिजली के पोल गिरने से बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। अधिक बारिश से खोली भी प्रभावित हुई है व पानी भर चुका है।
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