
रायपुर . एक सितबंर से पुरे देश में लागू होने वाले न्यू मोटर व्हीकल एक्ट 2019 को छत्तीसगढ़ सरकार ने लाल बत्ती दिखा दी है। इस एक्ट का विरोध में मध्यप्रदेश, राजस्थान और पच्चिम बंगाल की सरकार पहले से हैं अब इसमें छत्तीसगढ़ की सरकार भी शामिल हो गई है। इस मामले में छत्तीसगढ़ के ट्रांसपोर्ट मंत्री मोहम्मद अकबर ने कहा है कि इसमें बहुत सारी विसंगतियां है। इस बारे में विधि विभाग से चर्चा की जाएगी उसके बाद सरकार अपना रुख तय करेगी।
मंत्री ने केंद्र सरकार के मोटर एक्ट के तहत कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है, लेकिन छत्तीसगढ़ सरकार का रुख विधि विभाग से चर्चा करके तय किया जाएगा। अकबर ने कहा कि इस कानून के व्यावहारिक और कानूनी पहलू को परखा जाएगा। दोनों पर चर्चा की जाएगी। मोहम्मद ने कहा कि इसमें बहुत सारी विसंगतियां हैं। जैसे इसमें कम्यूनिटी सर्विस के बारे में प्रावधान है। ये कानून विदेशों में है। इसके अलावा जुर्माने की राशि काफी बढ़ी दी गई है। उन्होंने कहा कि अगर नाबालिग वाहन चलाते पकड़ा गया तो उसके अभिभावक को सज़ा का प्रावधान है। इसके बाद उसे दोबारा लाइसेंस 25 साल के बाद मिलेगा।
राजस्थान, मध्यप्रदेश और प. बंगाल ने भी किया इनकार
नए केंद्रीय मोटर यान अधिनियम को राजस्थान में अशोक गहलोत, मध्यप्रदेश में कमलनाथ और पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकारों ने भी अपने-अपने राज्यों में लागू करने से मना कर दिया है। कमलनाथ सरकार ने मंत्री पीसी शर्मा ने रविवार को कहा कि राज्य में एक सितंबर से नए नियम लागू नहीं होंगे।
संयुक्त परिवहन आयुक्त डी रविशंकर ने बताया कि नया केंद्रीय मोटरयान अधिनियम प्रदेश में लागू हो गया है। अब जुर्माना और समझौता शुल्क की दर राज्य सरकार को तय करना है। इसकी अधिसूचना जारी होने तक पुरानी दर लागू रहेगी।
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