रायपुर

छत्तीसगढ़ में HPV वैक्सीनेशन को लेकर बना डर, अब तक सिर्फ 4% लोगों को लगा टीका

HPV vaccine in Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए शुरू किए गए निःशुल्क HPV वैक्सीनेशन अभियान की स्थिति चिंताजनक है, जहां अब तक केवल 4% लक्ष्य ही पूरा हो सका है और जागरूकता की कमी को इसकी बड़ी वजह माना जा रहा है।
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May 15, 2026
HPV vaccine in Chhattisgarh
HPV vaccine in Chhattisgarh(photo-patrika)

HPV vaccine in Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में महिलाओं में बढ़ते सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए केंद्र सरकार द्वारा शुरू किए गए निःशुल्क HPV वैक्सीनेशन अभियान की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। राज्य देशभर में 26वें स्थान पर पहुंच गया है और अब तक केवल 4 प्रतिशत लक्ष्य ही पूरा हो सका है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, इस अभियान का उद्देश्य 14 से 15 वर्ष की किशोरियों को भविष्य में सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित करना है। विशेषज्ञों का कहना है कि जागरूकता की कमी अभियान की मुख्य चुनौती बनी हुई है।

HPV vaccine in Chhattisgarh: 2.62 लाख किशोरियों में से केवल 12,300 को लगा टीका

राज्य में 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की करीब 2.62 लाख किशोरियों को HPV वैक्सीन लगाने का लक्ष्य तय किया गया है। हालांकि, दो महीने बीत जाने के बाद भी केवल लगभग 12,300 किशोरियों को ही टीका लगाया जा सका है। यह आंकड़ा अभियान की धीमी प्रगति को दर्शाता है, जिस पर स्वास्थ्य विभाग ने चिंता जताई है।

अफवाहों के कारण अभियान को झटका

स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि इस अभियान में सबसे बड़ी बाधा वैक्सीन को लेकर फैली अफवाहें हैं। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में कई अभिभावकों के बीच यह गलत धारणा फैल गई है कि HPV वैक्सीन लगाने से बांझपन, कमजोरी या अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। इन्हीं डर और भ्रम के कारण बड़ी संख्या में लोग अपने बच्चों को टीका लगवाने के लिए आगे नहीं आ रहे हैं।

विशेषज्ञों ने बताया वैक्सीन को पूरी तरह सुरक्षित

स्वास्थ्य विशेषज्ञ लगातार यह स्पष्ट कर रहे हैं कि HPV वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है और इसके कोई गंभीर साइड इफेक्ट सामने नहीं आए हैं। डॉक्टरों का कहना है कि यह टीका किशोरियों को भविष्य में सर्वाइकल कैंसर जैसी घातक बीमारी से बचाने में बेहद प्रभावी है और इसे लेकर किसी भी तरह का डर या भ्रम नहीं होना चाहिए।

16 मार्च 2026 से शुरू हुआ था अभियान

छत्तीसगढ़ में यह निःशुल्क HPV वैक्सीनेशन अभियान 16 मार्च 2026 से शुरू किया गया था। इस योजना के तहत 14 वर्ष से अधिक और 15 वर्ष से कम आयु की किशोरियों को जन्मतिथि आधारित पहचान पत्र के माध्यम से टीका लगाया जा रहा है। वैक्सीनेशन की व्यवस्था मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) में उपलब्ध है। टीकाकरण के बाद किशोरियों को 30 मिनट तक निगरानी में रखा जाता है और पहचान के लिए उंगली पर अमिट स्याही का निशान लगाया जाता है।

मध्यप्रदेश सबसे आगे, छत्तीसगढ़ पिछड़ा

राष्ट्रीय स्तर पर देखें तो HPV वैक्सीनेशन अभियान में मध्यप्रदेश सबसे आगे है, जहां 7.51 लाख के लक्ष्य के मुकाबले 100 प्रतिशत से अधिक टीकाकरण दर्ज किया गया है। वहीं दूसरी ओर पश्चिम बंगाल में अब तक टीकाकरण शून्य बताया गया है। छत्तीसगढ़ की स्थिति इस बीच चिंताजनक बनी हुई है।

जागरूकता की जरूरत

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि लोगों के बीच फैली भ्रांतियों को दूर नहीं किया गया तो अभियान की गति और प्रभावित हो सकती है। इसके लिए व्यापक जागरूकता और सही जानकारी का प्रसार बेहद जरूरी है, ताकि अधिक से अधिक किशोरियां इस सुरक्षा कवच का लाभ उठा सकें।

Updated on:
15 May 2026 04:36 pm
Published on:
15 May 2026 04:35 pm