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Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ भूमि विकास नियम में बदलाव, अब हर प्रस्तावित सड़कों में खुलेंगे ईवी चर्जिंग सेंटर और सीएनजी पंप

Chhattisgarh News: चार्जिंग स्टेशन में क्लाइमेट कंट्रोल इक्विपमेंट और लिक्विड कूल्ड केबल जैसी आधुनिक सुविधाएं भी अनिवार्य की गई हैं।

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सड़कों में खुलेंगे ईवी चर्जिंग सेंटर और सीएनजी पंप (Photo AI)

Chhattisgarh News: राज्य सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के उपयोग को बढ़ावा देने और भविष्य की परिवहन जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ भूमि विकास नियम, 1984 में संशोधन करते हुए ईवी चार्जिंग एवं सर्विस सेंटर स्थापित करने के लिए विस्तृत विकास मानक तय कर दिए हैं। इसके साथ ही सीएनजी पंपों को लेकर भी गाइडलाइन जारी कर दी है। इस संबंध में आवास एवं पर्यावरण विभाग ने अधिसूचना जारी की है।

Chhattisgarh News: ईवी चर्जिंग सेंटर और सीएनजी पंप खोले जाएंगे

इसके तहत अब प्रस्तावित हर सड़कों में ईवी चर्जिंग सेंटर और सीएनजी पंप खोले जाएंगे। इसका फायदा राष्ट्रीय व राज्य मार्गों में मिलेगा। इसके अलावा पुराने मार्गों के लिए भी कई अहम प्रावधान किए गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ में इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को तेजी से बढ़ा सकता है। राज्य में अभी ईवी चार्जिंग नेटवर्क सीमित है, जिसके कारण लोग इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने से हिचकते हैं। नई नीति के बाद निजी निवेश बढ़ने और बड़े शहरों के साथ-साथ राजमार्गों पर भी चार्जिंग सुविधाएं विकसित होने की संभावना है।

यह है नई व्यवस्था

नई व्यवस्था के तहत अब शहरी क्षेत्रों, राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों, माल परिवहन कॉम्प्लेक्स और विकास केंद्र के रूप में चिन्हित गांवों में इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जा सकेंगे। सरकार ने इसके लिए जमीन की न्यूनतम आवश्यकता, सुरक्षा मानक और तकनीकी प्रावधान भी तय किए हैं। अधिसूचना के अनुसार, पब्लिक चार्जिंग स्टेशन (पीसीएस), फास्ट चार्जिंग स्टेशन (एफसीबीसीएस), बैटरी स्वैपिंग स्टेशन और सीएनजी फिलिंग सेंटर के लिए अलग-अलग मापदंड निर्धारित किए गए हैं। फास्ट चार्जिंग स्टेशन के लिए न्यूनतम 15 x 7 मीटर भूमि आवश्यक होगी, जबकि सामान्य पब्लिक चार्जिंग स्टेशन के लिए 13.5 मीटर x 5.5 मीटर क्षेत्र निर्धारित किया गया है।

इसे लेकर होगी कड़ाई

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि चार्जिंग स्टेशन ऐसी सड़कों पर नहीं बनाए जाएंगे जहां सड़क की चौड़ाई 30 मीटर से कम हो। इसके अलावा सभी केंद्रों को विस्फोटक एवं अग्नि सुरक्षा विभाग से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। चार्जिंग स्टेशन में क्लाइमेट कंट्रोल इक्विपमेंट और लिक्विड कूल्ड केबल जैसी आधुनिक सुविधाएं भी अनिवार्य की गई हैं।

लंबी दूरी तय करने वालों को फायदा

राजमार्गों पर हर 25 किलोमीटर में पब्लिक चार्जिंग स्टेशन और हर 100 किलोमीटर में हाई-स्पीड फास्ट चार्जिंग स्टेशन विकसित करने का प्रावधान किया गया है। इससे लंबी दूरी की यात्रा करने वाले ईवी उपयोगकर्ताओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।