रायपुर

CG News: छत्तीसगढ़ में नकल रोकने नया कानून लागू, अब उत्तरपुस्तिका में नम्बर बढ़ाया या प्रश्नपत्र लीक किया तो सीधे होगी जेल

CG News: नकल के मामलों की जांच उप निरीक्षक से नीचे के अधिकारी द्वारा नहीं की जाएगी और आवश्यक होने पर राज्य सरकार विशेष जांच एजेंसी को भी जांच सौंप सकेगी।

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Apr 24, 2026
नकल रोकने नया कानून लागू (photo AI)

CG News: विधानसभा से पारित लोक भर्ती एवं व्यावसायिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम विधेयक 2026 को राज्यपाल से मंजूरी मिलने के बाद राजपत्र में प्रकाशन हो गया है। यानी अब छत्तीसगढ़ में नकल रोकने के लिए सख्त प्रावधान लागू हो जाएंगे। यह कानून सीजीपीएससी और छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं के साथ-साथ विभिन्न निगमों और मंडलों की भर्ती परीक्षाओं पर भी लागू होगा।

इसमें नकल कराने वालों की संपत्ति कुर्क करने सहित 1 करोड़ रुपए तक के जुर्माना का प्रावधान किया गया है। नए कानून में कंप्यूटर सिस्टम में छेड़छाड़ कर नंबर बढ़ाना और पेपर लीक कराने को भी अपराध माना गया है। इसके अलावा कोई भी व्यक्ति परीक्षा केंद्र में उत्तर बताने का प्रयास करता है, तो भी सजा का प्रावधान रखा गया है।

इस कानून में हाईटेक तकनीकों के उपयोग को भी नकल की श्रेणी में रखा गया है। यदि कोई अभ्यथीZ इसका उपयोग करता हैं, तो वो सीधे सजा का हकदार होगा। नए कानून में जांच व्यवस्था को मजबूत किया गया। संगठित नकल के मामलों की जांच उप निरीक्षक से नीचे के अधिकारी द्वारा नहीं की जाएगी और आवश्यक होने पर राज्य सरकार विशेष जांच एजेंसी को भी जांच सौंप सकेगी।

नकल करने पर तीन साल का बैन

कोई अभ्यर्थी नकल या अनुचित साधनों का उपयोग करता है, तो उसका परिणाम निरस्त किया जाएगा और उसे एक से तीन वर्ष तक परीक्षा से प्रतिबंधित किया जा सकेगा। प्रश्न पत्र लीक करने जैसे मामलों में 3 से 10 वर्ष तक की सजा और 10 लाख रुपए जुर्माना लिया जाएगा।

अपराध-सजा- जुर्माना

अभ्यथी द्वारा नकल- 1 से 3 साल डिबारमेंट-कोई नहीं
सहायता या सेवा देने- 3 से 10 साल- 1 करोड़ रुपए
पेपर लीक या सहायता- 3 से 10 साल की सजा- 10 लाख रुपए
संगठित अपराध- 3 से 5 साल की जेल, 1 करोड़ व संपत्ति जब्त

यह है अपराध की श्रेणी

  • प्रश्नपत्र लीक करना या लीक कराने का प्रयास करना।
  • फर्जी अभ्यर्थी बैठाना।
  • इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के माध्यम से नकल करना।
  • ओएमआर शीट और उत्तर पुस्तिकाओं में हेरफेर।
  • कंप्यूटर सिस्टम में छेड़छाड़ कर नंबर बढ़ाना।
  • परीक्षा हॉल में हाथ से लिखी सामग्री या कुंजी गाइड के कागज का उपयोग करना।
  • परीक्षा कक्ष में शरीर, वस्त्र या फर्नीचर में संकेत बनाना या फिर लिखना।
  • मेरिट अथवा रैंक तय करने में दस्तावेज के साथ छेड़छाड़ करना।
Updated on:
24 Apr 2026 04:26 pm
Published on:
24 Apr 2026 04:25 pm
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