
Chhattisgarh Rains: नौतपा के एक दिन पहले जशपुर, जगदलपुर में तेज हवा के साथ बारिश हुई। पत्थगांव क्षेत्र में गाज की चपेट में आकर आधा दर्जन भर मवेशियों को मौत और साहीडांड क्षेत्र में कई घरों की छत अंधड़ में उड़ने की जानकारी भी आई है।
जशपुर में एक दिन में इतना पानी गिर गया कि नदी-नाले उफान पर आ गए। (Chhattisgarh Rains) मौसम विभाग के शनिवार को प्रदेश के दक्षिणी इलाके में गरज-चमक के अंधड़ चलने तथा वज्रपात होने और हल्की बारिश की संभावना जताई है। जिसके असर से अधिकतम तापमान में विशेष परिवर्तन होने की सम्भावना नहीं है।
दक्षिण पश्चिम मानसून मालदीव के कुछ भाग और कोमोरिन क्षेत्र, दक्षिण बंगाल की खाड़ी, अण्डमान और निकोबार द्वीप, अण्डमान सागर, और पूर्व मध्य बंगाल की खाड़ी में पहुंच गया। (Chhattisgarh Rains) मानसून के आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थिति बना हुआ है । एक द्रोणिका दक्षिण पश्चिम राजस्थान से छत्तीसगढ तक 0.9 किलोमीटर ऊंचाई तक फैली है।
एक चक्रीय चक्रवात उत्तर पूर्व मध्य प्रदेश के ऊपर 1.5 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है। एक अवदाब प्रबल होते हुए प्रबल चक्रवात में परिवर्तित होने की सम्भावना है। यह शनिवार को आधी रात में पश्चिम बंगाल तट और बंगलादेश तट के पास सागर द्वीप और खेपूपारा के पास पहुंच सकता है। (Chhattisgarh Rains) जिससे प्रदेश में नम हवाओं की आवाजाही बढ़ेंगी।
जिला - अधि. - न्यू.
रायपुर - 40.8 - 28.7
माना - 40.4 - 27.8
बिलासपुर - 39.4 -27.6
पेण्ड्रारोड - 37.4 - 25.4
अंबिकापुर - 35.1 - 26.0
जगदलपुर - 36.3 - 24.5
दुर्ग - 43.2 - 25.2
राजनांदगांव - 40.4 - 28.5
जशपुर जिले में 23 मई को मानसून के आने से दो दिन पूर्व, एक ही दिन में 22 मिमी वर्षा हो चुकी है। भू-अभिलेख शाखा से प्राप्त जानकारी के अनुसार 23 मई की स्थिति में, तहसील जशपुर में 6.0 मिमी, मनोरा में 21.0 मिमी, कुनकुरी में 18.2 मिमी, दुलदुला में 22.00 मिमी, फरसाबहार में 17.05 मिमी, बगीचा में 4.0 मिमी पत्थलगांव में 3.0 मिमी एवं सन्ना में 6.0 मिमी वर्षा हो चुकी है। सर्वाधिक वर्षा दुलदुला तहसील में दर्ज की गई है।
छत्तीसगढ़ में पिछले दो दिनों से लगातार बारिश हो रही है। सबसे अधिक बारिश बस्तर संभाग के नारायणपुर जिले में हुई थी। वहीं बालोद में तूफानी हवा के बारिश में पेड़, घर के छत और बिजली खंभे गिर गए। बारिश से माहौल इतना बिगड़ा की 36 घंटे तक बिजली गायब रही। (Chhattisgarh Rains) कल यानी (24 मई दिन- गुरुवार) को रायपुर में भी शाम को तेज हवाओं के साथ जोरदार बारिश हुई। वहीं आज भी छत्तीसगढ़ के कई जिलों में वज्रपात के साथ बारिश होने के आसार है। वहीं तेज अंधड़ के साथ गरज-चमक के साथ बदल बरसने की संभावना है।
एक द्रोणिका उत्तर पश्चिम राजस्थान से बांग्लादेश तक स्थित है। प्रदेश में प्रचुर मात्रा में नमी का आ रही है। गुरुवार को एक दो स्थानों पर हल्की वर्षा होने अथवा गरज-चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। प्रदेश में एक दो स्थानों पर गरज चमक के साथ अंधड़ चलने तथा वज्रपात हो सकता है।
दक्षिण पश्चिम मानसून के उत्तरी सीमा मायाबंदर है। दक्षिण पश्चिम मानसून आगे बढ़ते हुए दक्षिण अरब सागर, मालदीव के कुछ भाग, कोमरान क्षेत्र, दक्षिण बंगाल की खाड़ी, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तथा अंडमान सागर तक पहुंच चुका है। दक्षिण पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियों अनुकूल बनी हुई है। (Chhattisgarh Rains) जिसके कारण दक्षिण बंगाल की खाड़ी के कुछ और भाग, अंडमान और निकोबार दीप समूह के बचे हुए भाग, अंडमान सागर और पूर्व मध्य बंगाल की खाड़ी के कुछ भाग तक अगले 24 मई तक पहुंचने की संभावना है ।
मौसम विशेषज्ञ एचपी चंद्रा ने बताया कि इस साल मानसून 18 जून तक प्रदेश में दस्तक दे देगा। इससे पहले हो रही तमाम बारिश प्री-मानसून का एक रूप है। (Chhattisgarh Rains) दक्षिण पश्चिम मानसून आगे बढ़ते हुए दक्षिण अरब सागर, मालदीव के कुछ भाग, कोमरान क्षेत्र, दक्षिण बंगाल की खाड़ी, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और अंडमान सागर तक पहुंच चुका है। मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं।
इसके अलावा एक निन दाब का क्षेत्र दक्षिण पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे लगे पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी के पास स्थित है। इसके अलावा एक ऊपरी हवा का साइक्लोन भी तैयार हुआ है। (Chhattisgarh Rains) इसके उत्तर-पूर्व दिशा में आगे बढ़ते हुए 24 मई को और ज्यादा प्रबल होकर अवदाब के रूप में मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर पहुंचने की संभावना है। यह तमाम मौसमी घटनाएं इस साल छत्तीसगढ़ में मानसून से अच्छी बारिश की ओर इशारा करते हैं।