
Chhattisgarh Weather Update: छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज बदलने की संभावना है। मौसम विभाग ने प्रदेश के छह जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की आंधी और बारिश होने का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान कुछ इलाकों में आकाशीय बिजली गिरने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की आशंका है। मौसम में बदलाव की संभावना के बीच रविवार को प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान में वृद्धि भी दर्ज की गई। राजधानी रायपुर में अधिकतम तापमान 35.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
मौसम विभाग के अनुसार, बालोद, राजनांदगांव, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम और मुंगेली जिले के कुछ हिस्सों में मौसम बदल सकता है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही आकाशीय बिजली गिरने और तेज हवा चलने की आशंका को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। मौसम में होने वाले इस बदलाव का असर स्थानीय स्तर पर देखने को मिल सकता है। तेज हवा और गरज-चमक के दौरान लोगों को खुले स्थानों पर रहने से बचना चाहिए। विशेष रूप से खेतों में काम करने वाले किसानों, खुले में काम करने वाले श्रमिकों और दोपहिया वाहन चालकों को सावधानी बरतने की जरूरत है।
मौसम में बदलाव की संभावना के बीच रविवार को तापमान में भी वृद्धि दर्ज की गई। राजधानी रायपुर के लालपुर मौसम केंद्र में अधिकतम तापमान 35.7 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। प्रदेश के अन्य प्रमुख शहरों में भी अधिकतम तापमान दर्ज किया गया। बिलासपुर में अधिकतम तापमान 33.4 डिग्री, जगदलपुर में 33.6 डिग्री, राजनांदगांव में 35.5 डिग्री, अंबिकापुर में 30.9 डिग्री और दुर्ग में 32.4 डिग्री सेल्सियस रहा। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में तापमान की स्थिति अलग-अलग बनी हुई है। वहीं, छह जिलों में आंधी-बारिश की संभावना के चलते स्थानीय मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।
गरज-चमक, तेज हवा और आकाशीय बिजली की आशंका को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए। बिजली चमकने और गरजने के दौरान खुले मैदान, खेत या अन्य खुले स्थानों पर रहने से बचें। पेड़ों के नीचे शरण लेने और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से भी बचना चाहिए। यदि मौसम अचानक खराब हो जाए, तो सुरक्षित पक्के भवन के भीतर चले जाना बेहतर है। वाहन चलाते समय तेज हवा और कम दृश्यता की स्थिति में गति नियंत्रित रखें। मौसम विभाग के अलर्ट को ध्यान में रखते हुए स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार सतर्कता बरतना जरूरी है।