सीएम ने बताया कि किसानों के लिए एक और योजना लेकर आ रहे है। उनके धान और चांवल से एथनाल बनाया जाएगा। इसके लिए तैयारियां चल रही है। 12 लोगों ने एथनाल बनाने के लिए रू ची भी दिखाई है।
रायपुर. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि हर साल किसानों से 2500 रुपए क्विंटल में धान की खरीदी होगी। केंद्र सरकार द्वारा घोषित समर्थन मूल्य पर खरीदी के बाद अंतर की राशि उन्हें दूसरे मद से दी जाएगी। किसान अपनी फसल दो किश्तों में 15 फरवरी तक अपना धान बेच सकते है।
पहली बार में 8 और उसके बाद 7 क्विंटल धान खरीदा जाएगा। एक साथ बहुत सारा धान एक साथ सोसाइटी में आने से इसे रखने में परेशानी होगी। इसलिए नियमित रूप से धान आने के साथ ही खरीदी भी सही ढंग से हो और ट्रांसपोर्टिंग के लिए इसके लिए यह व्यवस्था की गई है।
यह सरकार किसानों का कभी अहित नहीं होने देगी। हमने जो वादा किया है उसे पूरा भी करेंगे। रायपुर के इंडोर स्टेडियम में किसान स्वाभिमान, सम्मान एवं सघर्ष यात्रा के समापन के अवसर पर सीएम अपने उद्बोधन में यह बाते कही। इस दौरान किसानों में उन्हें खुमरी और हल भेंट कर किया सम्मान किया।
इस दौरान सभा को संबोधित करने हुए सीएम ने कहा कि हमने जो वादा किया था उसे पूरा भी किया है। किसानों का कर्जा माफ करने के बाद उनका धान 2500 रूपए प्रति क्विंटल में खरीदा जाएगा। लेकिन, केंद्र की मोदी सरकार कह रही है कि अगर बोनस के साथ खरीदी करोगे तो सेंट्रल पुल का चावल नहीं खरीदेंगे। लेकिन, हमने भी तय किया कि भले ही केंद्र सरकार दबाव बनाने की कोशिश करे।
इसके बाद भी हम किसानों के साथ न्याय करने के लिए केंद्र सरकार के समर्थन मूल्य में ही खरीदी करेंगे। साथ ही अंतर की राशि का भुगतान करने के लिए किसानों को दूसरे योजना के तहत शेष राशि उनके खाते में जमा कराई जाएगी। उन्होंने मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि 2017 में केंद्र सरकार 200 रुपये समर्थन मूल्य बढ़ाया था, इस वर्ष 65 रुपये बढ़ाया। लेकिन, इससे किसानों की आय दोगुनी नहीं हो जाएगी।
धान और गन्ने से बनेगा एथनाल
सीएम ने बताया कि किसानों के लिए एक और योजना लेकर आ रहे है। उनके धान और चांवल से एथनाल बनाया जाएगा। इसके लिए तैयारियां चल रही है। 12 लोगों ने एथनाल बनाने के लिए रू ची भी दिखाई है। साथ ही उनके द्वारा टेंडर भी भरा गया है। इसे बनाने के बाद पेट्रोलियम कंपनी को बेचा जाएगा।
इसके शुरू होने से किसानों को उनकी उपज का अच्छा मूल्य मिलेगा। साथ ही बेरोजगारों को रोजगार और विदेशी मुद्रा की बचत भी होगी। केंद्र सरकार को सलाह देंगे कि अतिरिक्त धान से एथिनाल बनाए । उन्होंने बताया कि 2 हजार गौठान बनाए जा चुके है और इस वर्ष 4 हजार गौठान और बनाना है । इसके संचालन के लिए गठित समिति को 10 हजार महीना देने की बात कही।