
रायपुर@राहुल जैन। Chhattisgarh News: मुख्यमंत्री निवास में गुरुवार की रात 2 बजे तक चली मंत्रियों और संगठन की बैठक ने सबको चौंका दिया। इसके बाद मंत्रियों ने बदलाव की चर्चा को सिरे से खारिज कर दिया, लेकिन अंदरखाने की खबर है कि इसमें मंत्रियों के कामकाज से लेकर उनसे रिपोर्ट कार्ड मांगा गया। मंत्रियों से प्रभार वाले जिलों की जानकारी मांगी गई। इनमें से कुछ मंत्रियों के जवाब से संगठन के नेता ज्यादा संतुष्ट नजर नहीं आए और समय रहते अपने-अपने क्षेत्रों में दौरा करने की नसीहत दी गई। इसके अलावा कार्यकर्ताओं को बातों को प्राथमिकता से सुनने को कहा गया।
दरअसल, यह मंथन इसलिए चर्चा में आईं क्योंकि मंत्रियों को अपना दौरा छोड़कर सीएम हाउस आना पड़ा था। हालांकि शुक्रवार को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मीडिया से चर्चा करते हुए स्पष्ट किया कि यह कोई आपात मीटिंग नहीं थी। मंत्रियों के कार्यों की समीक्षा की गई। साथ ही आगे सरकार और संगठन के साथ समन्वय बनाकर काम करने पर रणनीति बनाई गई।
राजनीति के जानकारों का कहना है, वर्ष 2028 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सरकार और संगठन ने अब पूरी तरह चुनावी मोड में काम शुरू कर दिया है। सूत्रों के अनुसार इसमें प्रत्येक मंत्री की परफॉर्मेंस रिपोर्ट रखी गई, जिसमें योजनाओं के क्रियान्वयन, जनसंतुष्टि, घोषणाओं की प्रगति और राजनीतिक प्रभाव जैसे बिंदुओं पर चर्चा हुई।
जिन मंत्रियों के विभागों का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर पाया गया, उन्हें स्पष्ट संदेश दिया गया कि आने वाले महीनों में परिणाम दिखाई देने चाहिए। संगठन की ओर से ऐसे मंत्रियों को जमीनी स्तर पर सक्रियता बढ़ाने और लंबित मामलों के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए गए हैं।
मंत्रियों को यह भी नसीहत दी गई कि वे केवल विभागीय फाइलों तक सीमित न रहें, बल्कि जिलों और विधानसभा क्षेत्रों में नियमित प्रवास कर जनता के बीच मौजूद रहें। बैठक में माइक्रो मैनेजमेंट पर भी जोर दिया गया। मंत्रियों को अपने-अपने विभागों की उपलब्धियों का जिला और विधानसभावार रिपोर्ट कार्ड तैयार करने तथा कमजोर क्षेत्रों में विशेष फोकस करने के निर्देश दिए गए हैं।
सूत्र बताते हैं कि बैठक का बड़ा फोकस आगामी चुनावों में निर्णायक माने जा रहे दो वर्गों किसानों और महिलाओं पर रहेगा। किसानों के लिए नई घोषणाओं, कृषि योजनाओं के बेहतर प्रचार-प्रसार और लाभार्थियों तक सीधी पहुंच बनाने की रणनीति पर विचार हुआ। वहीं महिलाओं को केंद्र में रखकर संचालित योजनाओं के प्रभाव और उनके राजनीतिक लाभ पर भी विस्तृत चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा, आप लोगों को भी मालूम है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनादेश प्राप्त कर निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में लगातार 12 वर्ष तक कार्य करने का कीर्तिमान स्थापित किया है। उसी उपलक्ष्य में 12 साल बेमिसाल विश्वास के, विकास के कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इसी की समीक्षा की गई कि हमारे मंत्रीगण इस कार्यक्रम के अंतर्गत निर्धारित गतिविधियों का क्रियान्वयन किस प्रकार कर रहे हैं।
देर रात तक चली मैराथन मंथन से एक बात निकलकर सामने आईं कि जुलाई में नवा रायपुर स्थित भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) में मंत्रियों के लिए चिंतन शिविर 3.0 लगाया जा सकता है। इसमें विभिन्न विषय विशेषज्ञ मंत्रियों को प्रशासनिक रूप से मजबूत करने के लिए जरूरी गुर सिखाएंगे। संकेत मिले हैं कि यह शिविर दो दिन के लिए हो सकता है। कार्यक्रम में प्रशासनिक प्रबंधन, नीति निर्माण, सुशासन, तकनीकी नवाचार, जनसेवा और विकास से जुड़े कई विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि मंत्रियों के कामकाज को लेकर जबरदस्त घमासान मचा है। असल में भाजपा संगठन और सरकार के बीच कुछ भी ठीक नहीं चल रहा है। सरकार पूरी तरीके से फेल हो चुकी है। अब इंतजार है कि मंत्रियों का इस्तीफा कब होगा।