
की हंसी-ठिठोली मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह को भी चुभ गई है। वहीं, हंसी-ठिठोली का वीडियो वायरल होने के बाद केंद्रीय नेतृत्व ने नाराजगी जताई है। पार्टी ने इसकी पुनरावृत्ति न हो इसकी हिदायत दी है।
जगदलपुर पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने शुक्रवार को संवाददाताओं से कहा कि सभी भविष्य में सचेत रहें, इसके लिए कार्रवाई तो होगी ही। इसके बाद मुख्यमंत्री ने भाजपा नेताओं का बचाव भी किया। उन्होंने कहा कि ऐसा कभी-कभी धोखे से भी हो जाता है। हालांकि मुख्यमंत्री ने यह स्पष्ट नहीं किया कि मंत्री अजय चंद्राकर और बृजमोहन अग्रवाल जैसे नेताओं पर किस तरह की कार्रवाई होगी। माना जा रहा है कि ऐसे नेताओं को नोटिस जारी हो सकता है, अथवा पार्टी उन्हें इसके लिए माफी मांगने के लिए भी कह सकती है।
भाजपा कार्यकर्ता आहत : इस एपिसोड से जनसंघ और भाजपा के पुराने कार्यकर्ता खासे आहत हैं। उनसे बात करने पर पार्टी अनुशासन की दुहाई देकर भी वे आक्रोश व्यक्त करने से नहीं चूकते।
भारी पड़ रही यात्राएं : अटलजी की अंतिम यात्रा के दौरान दिल्ली में उमड़ी भीड़ को देखकर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने देशभर में अस्थि कलश यात्राओं का कार्यक्रम जो भी सोचकर बनाया हो, वह पार्टी पर भारी पड़ रहा है।
प्रदेशभर से मंत्रियों-नेताओं की कलश के साथ मुस्कराती तस्वीरों ने किरकिरी करा दी है। सोशल मीडिया पर लोग इन तस्वीरों को साझा कर जमकर आलोचना कर रहे हैं। विपक्ष भी इसे फैलाने में पीछे नहीं है। ऐसे में चुनाव से ठीक पहले विपरीत माहौल बनने लगा है। भाजपा अब डैमेज कंट्रोल का तरीका ढूंढ़ रही है।
सोशल मीडिया पर जो वीडियो और फोटो वायरल हो रहे हैं उसमें छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश सहित कई जगहों की कई ऐसी तस्वीरे हैं जिनमें अस्थि कलश यात्रा के दौरान भाजपा नेता हल्के-फुल्के अंदाज में नजर आ रहे हैं। सूत्र बता रहे हैं कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने इस प्रकरण को गंभीरता से लिया है। साथ ही पार्टी नेताओं को यह भी निर्देश दिया है कि इसको लेकर किसी तरह की चर्चा नहीं करनी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शाह अटल कलश यात्रा के जरिए एक गंभीर माहौल बनाना चाहते थे। ताकि अटल जी से स्नेह को लेकर लोग पार्टी के साथ जुड़ सकें। कांग्रेस इस पर लगातार सवाल उठा रही है।