प्रदेश कांग्रेस का दावा है कि प्रदेश की निर्वाचन सूची में 2 लाख 12 हजार 424 नाम फर्जी हैं
रायपुर. प्रदेश कांग्रेस का दावा है कि प्रदेश की निर्वाचन सूची में 2 लाख 12 हजार 424 नाम फर्जी हैं। कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त ओपी रावत और उनकी बेंच के सामने एक लंबा-चौड़ा प्रस्तुतिकरण भी दिया।
इस प्रस्तुतिकरण के लिए कांग्रेस ने इंदौर की एक कंपनी पोलिटिक्स डॉट इन की भी मदद ली। बाद में संवाददाताओं से चर्चा में प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल और पोलिटिक्स डॉट इन के विकास जैन ने कहा, ऐसे ही फर्जी मतदाताओं के दम पर भाजपा ने 2013 का चुनाव प्रभावित किया था। विकास जैन ने कहा, 2013 के चुनाव में अन्य प्रदेशों की तुलना में छत्तीसगढ़ में सर्वाधिक मतदान करीब 77 प्रतिशत छत्तीसगढ़ में दर्ज हुआ। उस चुनाव में कांग्रेस को भाजपा से केवल 97 हजार 574 वोट कम मिले थे। उनका कहना था, ऐसा इन फर्जी मतदाताओं के भरोसे हुआ था।
भूपेश बघेल ने कहा, जो तथ्य सामने आए थे उनके आधार पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त को शिकायत कर दी गई है। उन्होंने जांच कर रिपोर्ट देने का भरोसा दिया है। भूपेश का कहना था, अगर फर्जी मतदाताओं को मतदाता सूची से हटा लिया जाता है तो इसका असर कई सीटों के नतीजों मेंं दिखेगा।
एक वर्ष में बढ़े 8 लाख मतदाता : विकास जैन का कहना था, 2003 में 1 करोड़ 35 लाख मतदाता थे, जो 2004 में बढक़र 1 करोड़ 37 लाख हो गए। वहीं 2008 में इनकी संख्या 1 करोड़ 52 लाख थी, जो 2009 में 1 करोड़ 54 लाख हो गई। मतलब इस दौरान केवल दो-दो लाख मतदाता बढ़ते रहे। लेकिन 2013-14 के एक वर्ष में मतदाताओं की संख्या 1 करोड़ 68 लाख से बढक़र 1 करोड़ 76 लाख हो गई। मतलब एक वर्ष के भीतर 8 लाख मतदाता बढ़ गए।
पहली बार पेशेवर संस्था को लिया साथ : प्रदेश कांग्रेस ने चुनावी रणनीति में पहली बार खुले रूप में किसी पेशेवर संस्था का साथ लिया है। पोलिटिक्स डॉट इन ने ही जून में मध्य प्रदेश में 30 लाख फर्जी मतदाता होने का दावा किया था। उसी के आधार पर कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग को शिकायत की। जांच के बाद सूची से 24 लाख नाम काटे गए। उसके बाद केंद्रीय नेतृत्व के कहने पर छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने भी इस संस्था को काम सौंपा।
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भाजपा ने बताया हार का बहाना : भाजपा प्रवक्ता शिवरतन शर्मा ने कहा, भूपेश बघेल का आरोप बेहद आपत्तिजनक और भद्दा है, जिन शब्दों का इस्तेमाल हुआ है उसके लिए आयोग को कार्रवाई करनी चाहिए। शर्मा ने कहा, ऐसा लग रहा है कि बघेल अगले चुनाव में हार का बहाना अभी से तैयार करने में लगे हैं।
इस बीच निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची के संक्षिप्त पुनरीक्षण की तिथि बढ़ा दी है। नई अधिसूचना के मुताबिक 7 सितम्बर तक नाम जुड़वाए, हटवाए अथवा संशोधित कराए जा सकते हैं। पहले इसकी तिथि 21 अगस्त निर्धारित थी, जिसे दूसरी बार आगे बढ़ाया गया है।
कांग्रेस के मुताबिक मतदाता सूची मैन्युअल के मुताबिक किसी एक घर में 10 से अधिक मतदाता होने की सूरत में भौतिक सत्यापन जरूरी है। लेकिन प्रदेश में एक लाख 39 हजार 175 घरों के पतों पर 10 से अधिक मतदाता हैं। ऐसे लोगों की संख्या 19 लाख 66 हजार 516 है। 3424 घरों में तो 25 से अधिक मतदाता हैं। प्रदेश में 1679 मतदाता ऐसे हैं जिनका मतदाता पहचान पत्र एक जैसा है। 3 हजार 70 नाम एक ही विधानसभा में 25 बार से ज्यादा आए हैं।