
Chhattisgarh Congress: कांग्रेस के संगठन सृजन कार्यक्रम के तहत जिलाध्यक्षों का प्रशिक्षण जारी रहा। चौथे दिन की शुरुआत झंडा वंदन और योगा के साथ हुई। शिविर में जिलाध्यक्षों को भारत के गौरवशाली इतिहास की जानकारी दी गई। इसके बाद खेती-किसानों में आ रही परेशानियों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
अंतिम सत्र में पर्यावरण से होने वाली दिक्कतों के साथ जंगल बचाने की सीख गई। इसके बाद जिलाध्यक्षों को आठ अलग-अलग ग्रुप में बांटकर अभनपुर के विभिन्न गांवों में भेजा गया। यहां जिलाध्यक्षों ने ग्रामीणों से संवाद किया और रात गुजारी।
प्रशिक्षण सत्र की शुरुआत में सौरभ वाजपेयी ने बताया कि आजादी के बाद जब संचार के साधन भी मौजूद नहीं, उस समय देश को कैसे जोड़ा गया। ( Chhattisgarh News ) विकसित भारत में गांधी-नेहरू के योगदान की भी विस्तार से जानकारी दी गई। इसके बाद कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष धनेंद्र साहू ने जिलाध्यक्षों को खेती-किसानी की वस्तुस्थिति से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि आज किसान खाद और बीज के लिए किस प्रकार की परेशानियों से जूझ रहा है।
साथ ही इस बात की जानकारी दी कि कांग्रेस शासनकाल में ही छत्तीसगढ़ के बड़े बांधों का निर्माण हुआ है। भाजपा सरकार में एक भी बड़े बांधों का निर्माण नहीं हुआ है। इसके बाद सामाजिक कार्यकर्ता आलोक शुक्ला ने पर्यावरण और जंगल से जुडे मुद्दों पर अपनी बातों को प्रमुखता से रखा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पेड़ों को कटने से बचाने के लिए मिलकर संघर्ष करना होगा।
लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने संगठन सृजन कार्यक्रम के तहत बीते रविवार को अभनपुर में करीब 3 घंटे तक जिलाध्यक्षों से चर्चा की। उन्होंने साफ कहा कि जिलाध्यक्ष की हर रिपोर्ट सबसे महत्वपूर्ण होगी। जिलाध्यक्ष अपने-अपने जिलों में स्थानीय समस्याओं के हिसाब से आंदोलन की रणनीति बनाए। इसके लिए वे प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश का इंतजार किए बिना हर पीडि़त व्यक्ति के साथ खड़ रहे।