MGNREGA Protest: मनरेगा का नाम बदलने, गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों और अन्य मुद्दों को लेकर कांग्रेस आज रायपुर में विधानसभा का घेराव करेगी।
MGNREGA Protest: मनरेगा का नाम बदलने और गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों सहित कई मुद्दों को लेकर कांग्रेस आज राजधानी रायपुर में विधानसभा का घेराव करेगी। इसको लेकर सोमवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज और एआईसीसी के प्रभारी सचिवों ने बैठक कर तैयारियों का जायजा लिया।
दीपक बैज ने बताया कि यह प्रदर्शन “मनरेगा बचाओ” अभियान के तहत किया जा रहा है। इसके साथ ही बिजली दरों में बढ़ोतरी, किसानों के साथ वादाखिलाफी, धान खरीदी में अनियमितता, गैस सिलेंडर महंगाई, बिगड़ती कानून व्यवस्था और नशे के बढ़ते कारोबार जैसे मुद्दों को लेकर कांग्रेस सरकार को घेरने की तैयारी में है। पार्टी का दावा है कि इस घेराव में प्रदेशभर से करीब 30 हजार से अधिक कार्यकर्ता शामिल होंगे।
इस प्रदर्शन में कांग्रेस के कई बड़े नेता शामिल रहेंगे। इनमें एआईसीसी के प्रभारी महासचिव सचिन पायलट, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव और पूर्व मंत्री ताम्रध्वज साहू प्रमुख रूप से मौजूद रहेंगे।
प्रदर्शन को देखते हुए रायपुर पुलिस ने ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है। कांग्रेस कार्यकर्ता शंकर नगर स्थित केनाल रोड के भारत माता चौक पर एकत्रित होंगे, जहां सभा के बाद दोपहर 12 बजे विधानसभा की ओर मार्च किया जाएगा। इस दौरान शांति नगर तिराहा से भारत माता चौक और वहां से आनंद नगर चौक तक यातायात प्रभावित रहेगा।
पंडरी की ओर से आने वाले वाहनों को शांति नगर से मधु पिल्ले चौक होते हुए आईजी कार्यालय मार्ग से शंकर नगर की ओर डायवर्ट किया जाएगा। वहीं आनंद नगर चौक से पंडरी जाने वाले वाहन भगत सिंह चौक, अंबेडकर चौक और ऑक्सीजोन मार्ग का उपयोग कर सकेंगे।
छत्तीसगढ़ में जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर राजनीतिक विरोध और विधानसभा घेराव की परंपरा पुरानी रही है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस समेत विभिन्न दल समय-समय पर सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते रहे हैं।
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को लेकर भी पहले कई बार विवाद और आंदोलन सामने आ चुके हैं। यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की गारंटी देने वाली महत्वपूर्ण पहल मानी जाती है, लेकिन इसके बजट, नाम और कार्यान्वयन को लेकर केंद्र और राज्य के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप होते रहे हैं।
रायपुर में विधानसभा घेराव और बड़े प्रदर्शन अक्सर किसानों, बेरोजगारी, महंगाई और कानून व्यवस्था जैसे मुद्दों पर होते रहे हैं। पिछले वर्षों में भी विपक्षी दलों ने धान खरीदी, बिजली दर वृद्धि और गैस सिलेंडर की कीमतों को लेकर कई बार बड़े आंदोलन किए हैं।