रायपुर

MGNREGA Bachao Sangram: ग्रामीण वोट बैंक पर फोकस! कांग्रेस का जनवरी-फरवरी में चलेगा मनरेगा बचाओ संग्राम

MGNREGA Bachao Sangram: कांग्रेस जनवरी-फरवरी में ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ चलाने जा रही है। इसके जरिए पार्टी ग्रामीण क्षेत्रों के मतदाताओं तक पहुंचने और आम जनता के मुद्दों को उठाने की रणनीति पर काम करेगी।

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Jan 09, 2026
जनवरी-फरवरी में चलेगा मनरेगा बचाओ संग्राम (photo source- Patrika)

MGNREGA Bachao Sangram: कांग्रेस जनवरी-फरवरी में मनरेगा बचाओ संग्राम करने जा रही है। इसके जरिए कांग्रेस ग्रामीण क्षेत्र के मतदाताओं को भी साधेगी। इस संग्राम को करीब तीन साल बाद होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियों से भी जोडक़र देखा जा रहा है। यही वजह है कि मनरेगा बचाओ संग्राम के बहाने कांग्रेस आम जनता के मन को टटोलने के अलावा सडक़ से लेकर सदन तक की लड़ाई लड़ेगी।

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MGNREGA Bachao Sangram: आंदोलन को सफल बनाने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव

इसकी तैयारियों को लेकर गुरुवार को कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव, प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत की मौजूदगी में दो अहम बैठ हुई। पहली बैठक पॉलिटिकल अफेयर कमेटी की तथा दूसरी बैठक जिला कांग्रेस अध्यक्षों के साथ हुई। इसमें आंदोलन को सफल बनाने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए गए। पॉलिटिकल अफेयर कमेटी की बैठक में मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत प्रस्तावित कार्यक्रमों की रूपरेखा पर चर्चा हुई।

मनरेगा की मजदूरी 400 रुपए प्रतिदिन

इसके साथ एसआईआर में वंचित पात्र मतदाताओं का नाम जुड़वाने और प्रदेश में चल रही धान खरीदी में किसानों को हो रही समस्याओं के निराकरण पर चर्चा की गई। प्रदेश प्रभारी पायलट ने कहा, मनरेगा संशोधन को लेकर भाजपा भ्रम फैला रही है। यह मनरेगा को खत्म करना चाहती है। गांव में जो भूमिहीन लोग है वे मनरेगा में संशोधन से प्रभावित होंगे। इसको जनता के बीच कांग्रेस की कामयाबी तथा भाजपा की दुर्भावना बताना है। मोदी सरकार जैसे तीन कृषि कानून वापस ली, अधिग्रहण कानून वापस ली वैसे ही नरेगा संशोधन भी वापस लेगी।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा, हमारी मांग है मनरेगा की मजदूरी 400 रुपए प्रतिदिन की जाए। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि मनरेगा बचाओ आंदोलन आम आदमी तथा मजदूरों के हित की लड़ाई है। पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने कहा कि मनरेगा के प्रावधानों तथा वर्तमान संशोधनों को हमें जनता के बीच लेकर इस संशोधन से होने वाले नुकसान को बताना होगा।

MGNREGA Bachao Sangram: ऐसे होगा संग्राम

10 जनवरी को जिला स्तर पर पत्रकारवार्ता होगी। इसमें प्रस्तावित कानून के ग्रामीण रोजगार और आजीविकाओं पर पडऩे वाले दुष्प्रभावों की जानकारी दी जाएगी।

11 जनवरी जिला मुख्यालयों या प्रमुख सार्वजनिक स्थलों में मनरेगा श्रमिकों की भागीदारी के साथ एक दिवसीय उपवास किया जाएगा।

12 जनवरी से 29 जनवरी तक सभी ग्राम पंचायतों में पंचायत स्तर की चौपालें और जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही विधानसभा स्तर पर नुक्कड़ सभाएं और पर्चा वितरण भी होगा।

30 जनवरी को वार्ड और ब्लॉक स्तर पर शांतिपूर्ण धरने दिया जाएगा। इस दौरान अहिंसा, संवैधानिक मूल्यों और काम के अधिकार पर जोर दिया जाएगा।

31 जनवरी से 6 फरवरी के बीच जिला स्तर पर धरना दिया जाएगा। साथ ही नए विधेयक को वापस लेने और मनरेगा को उसके मूल स्वरूप में बहाल करने की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपे जाएंगे।

7 फरवरी से 15 फरवरी के बीच पीसीसी के नेतृत्व में राज्य स्तर पर विधानसभाओं का घेराव किया जाएगा। 16 फरवरी से 25 फरवरी के बीच क्षेत्रीय एआईसीसी रैलियां निकाली जाएगी।

Published on:
09 Jan 2026 01:46 pm
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