कांग्रेस ने भाजपा पर निशाना साधते हुए नागरिकों को सुरक्षा देने, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के मामले में छत्तीसगढ़ सरकार को पूरी तरह विफल बताया।
रायपुर. छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने भाजपा की प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा। छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल ने मीडिया से बातचीत में बताया कि प्रदेश की भाजपा सरकार नागरिकों को सुरक्षा देने, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के मामले में पूरी तरह विफल रही है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा नागरिकों के मूलभूत अधिकारों का हनन किया जा रहा है, जिनमें विधिक अधिकार, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता शामिल है। यदि छत्तीसगढ़ के परिपेक्ष्य में देखें तो कानून व्यवस्था जितनी प्रदेश में चौपट है, शायद ही देश के किसी अन्य राज्य में इतनी स्थिति खराब है।
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भूपेश ने कहा कि अगर हम नक्सली समस्या की बात करें तो देशभर में नक्सली घटनाआें में जितने सुरक्षाकर्मियों ने अपनी जान गंवाई, उसमें आधे से अधिक जवान छत्तीसगढ़ में हुए नक्सली घटना में शहीद हुए। उन्होंने कहा कि खुद को आदिवासियों का हितैषी बताने वाली प्रदेश सरकार के कार्यकाल में आदिवासियों के साथ बुरा बर्ताव किया जा रहा है। महिलाओं के साथ यौन उत्पीडऩ का मामला मानवाधिकार की रिपोर्ट इसकी पुष्टि करती है।
भूपेश ने कहा कि सीबीआई जांच और नक्सलियों के नाम पर बस्तर के आदिवासियों के घरों को जलाया जा रहा है, उन्हें प्रताडि़त किया जा रहा है। मीना खल्खो से लेकर मड़कम हिड़मे के साथ प्रताडऩा के एेसे कई उदाहरण हैं जो बताते हैं कि बस्तर में बहू-बेटियां सुरक्षित नहीं हैं।
भूपेश ने जम्मू-कश्मीर में पीडीपी और भाजपा के बीच गठबंधन टूटने पर भी हमला बोला। उन्होंने भाजपा पर भेदभाव की राजनीति करने का आरोप लगाया। भूपेश ने कहा कि जम्मू-कश्मीर की तरह छत्तीसगढ़ में भी भाजपा भेदभाव की राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि अगर आप छत्तीसगढ़ के बस्तर और सरगुजा के लोगों से पूछेंगे तो वो बताएंगे आपको कि प्रदेश सरकार ने उनके साथ कितना भेदभाव किया।
कांग्रेस ने रमन सरकार पर प्रशासनिक आतंकवाद का भी आरोप लगाया। भूपेश ने कहा कि प्रदेश सरकार चंद अधिकारियों के दम पर दमन नीति चला रही है। प्रदेश में हालात एेसे हैं कि न तो अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है, न तो सामाजिक कार्य करने की और न ही लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन करने की। उन्होंने कहा कि अगर जम्मू-कश्मीर और छत्तीसगढ़ में भाजपा की नीतियां समान हैं तो भाजपा को चाहिए कि वे रमन सिंह को तुरंत मुख्यमंत्री पद छोडऩे की सलाह दें।