
रायपुर. छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में साल 2017 खत्म होने से पहले एक बेटे ने अपने मां-बाप व पत्नी बच्चों को एेसा दर्द दे दिया, जिससे वे सदमे में आ गए। दरअसल, सीएसईबी के कार्यपालन अभियंता विनोद पाटील ने एनटीपीसी के कावेरी विहार स्थित आवासीय कॉलोनी में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। विनोद की पत्नी एनटीपीसी में सहायक इंजीनियर है। कार्यपालन अभियंता विनोद पाटील हसदेव विद्युत ताप गृह में पदस्थ थे। पत्नी रीमा रानी सिंह के साथ एनटीपीसी के जमनीपाली स्थित आवासीय कॉलोनी कावेरी विहार के एक मकान में रहते थे।
दरअसल घटना शुक्रवार रात की है, जहां विनोद ने कमरे में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। सुबह लगभग पांच बजे एनटीपीसी के एचआर अमित कुमार ने आवासीय कॉलोनी में विनोद के सुसाइड करने की सूचना पुलिस को दी। पुलिस शव को फंदे से उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
घटना की सूचना भिलाई में रहने वाले विनोद के पिता को दी गई। दोपहर बाद भिलाई विनोद के पिता और भाई एनटीपीसी पहुंचे। शव को अंतिम संस्कार के लिए घर ले गए। जांच में पुलिस को विनोद के पास से एक पेज का सुसाइड नोट मिला। विनोद ने रीमा से चार साल पहले प्रेम विवाह किया था। दंपती को दो बच्चे भी हैं।
पत्नी बोली- शराब पीकर आया था पति
पत्नी रीमा ने पुलिस को बताया है कि विनोद शुक्रवार की रात लगभग 9.30 बजे शराब पीकर घर पहुंचा थे। वह अलग कमरे में सोने चले गये थे। रीमा दो बच्चों के साथ दूसरे कमरे में सोई थी। भोर में करीब 3.20 बजे रीमा ने पड़ोस में रहने वाले इशाब चन्द्राकर को कॉल कर बुलाया। दोनों ने मिलकर कमरे का दरवाजा तोड़ा। फांसी के फंदे पर विनोद की लाश मिली।
'मैं मर रहा हूं, कोई जिम्मेदार नहीं'
विनोद के पास जो सुसाइड नोट मिला है उसमें लिखा गया है कि मैं मर रहा हूं। कोई जिम्मेदार नहीं है। मां-मामा मुझे माफ करना मैं दारू पीया हुआ हूं। विनोद ने इस नोट पर एक भी शब्द पत्नी या बच्चों के बारे में नहीं लिखा है। विनोद के पिता भी सुसाइड नोट को गलत बता रहे हैं। पुलिस को आशंका है कि पति-पत्नी के रिश्ते ठीक नहीं होंगे। पुलिस मर्ग कायम कर जांच कर रही है।