NTPC

एनटीपीसी

NTPC

विवरण :

एनटीपीसी लिमिटेड (पूर्व नाम - राष्ट्रीय तापविद्युत निगम लिमिटेड) भारत की सबसे बड़ी विद्युत उत्पादक कम्पनी है। जो मुम्बई स्टॉक विनिमय (Bombay Stock Exchange) में पंजीकृत है। इसमें वर्तमान में भारत सरकार का हिस्सा 89.5% है। इसकी स्थापना 07 नवम्बर 1975 को हुई थी।

इतिहास

1975 में एनटीपीसी का जब उत्तर प्रदेश में सिंगरौली में पहला पिटहैड सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट का निर्माण शुरू हुआ उस दिन से आज तक एनटीपीसी ने एक लंबी दूरी तय की है।
7 नवम्बर 1976 को एनटीपीसी का निगमीकरण किया गया।
1978 में कंपनी की प्राधिकृत शेयर पूँजी 125 करोड़ थी।
1980 में कोरबा और रामागुंडम परियोजनाओं का क्रियान्वन हुआ।
1982 में प्राधिकृत शेयर पूंजी 300 करोड़ से बढकर 800 करोड़ हो गई।
1986 में विद्युत् प्रबंधन संस्थान, दिल्ली नामक शिक्षा केंद्र की शुरुआत हुई।
1989 में ऋण बाज़ार में बांड जारी करने के लिए प्रथम सार्वजनिक उपक्रमों में से एक बना।
1994 में अंता, राजस्थान में प्रथम गैस आधारित संयंत्र का प्रचालन शुरू हुआ।
1997 में संस्थापित क्षमता 15000 मेगावाट से अधिक हो गयी।
2000 में नवरत्न सार्वजनिक उपक्रमों में से एक उपक्रम घोषित हुआ।
2002 में हिमाचल प्रदेश में 400 मेगावाट क्षमता की पहली जल विद्युत् परियोजना का निर्माण शुरू हुआ।
2004 में संस्थापित क्षमता 20000 मेगावाट से अधिक हुई।
2007 में एनटीपीसी सूचीबद्ध कंपनी बना।
विंध्यांचल संयंत्र 3260 मेगावाट की संस्थापित क्षमता के साथ देश में सबसे बड़ा विद्युत संयंत्र बना।

एनटीपीसी की मौजूदा स्थापित क्षमता 51,698 मेगावाट (संयुक्त उपक्रम के माध्यम से 6,966 मेगावाट सहित) है जिसमें 46 एनटीपीसी स्टेशनों (19 कोयला आधारित स्टेशनों, 7 संयुक्त हाइड्रो आधारित स्टेशन, चक्र गैस / तरल ईंधन आधारित स्टेशनों), 9 संयुक्त उद्यम स्टेशनों (8 कोयला आधारित और एक गैस आधारित) और 11 अक्षय ऊर्जा परियोजनाए सम्मिलित है। कंपनी ने वर्ष 2032 तक 1,28,000 मेगावाट की स्थापित विद्युत् क्षमता पैदा करने का लक्ष्य रखा है। वर्ष 2032 तक, गैर जीवाश्म ईंधन आधारित उत्पादन क्षमता एनटीपीसी की पोर्टफोलियो का लगभग 30% होगी।

15 कोयला आधारित विद्युत संयंत्रों के साथ एनटीपीसी देश में सबसे बड़ी तापीय विद्युत उत्पा‍दन कंपनी है। कंपनी में कोयला आधारित संस्थापित क्षमता 25,875 मेगावॉट है। एनटीपीसी की संयुक्त गैस आधारित कमीशन क्षमता 3955 मेगावॉट है। हाइड्रो आधारित कमीशन क्षमता 1328 मेगावॉट है।

एनटीपीसी ऊंचाहार संस्थान की घटना

1 नवम्वर 2017 को एनटीपीसी में सबसे बड़ी पहली घटना ऊंचाहार संस्थान में घटी, जब एनटीपीसी की सभी छह इकाइयों में विद्युत उत्पादन चल रहा था। दोपहर बाद करीब साढ़े तीन बजे छठी इकाई में भयावक विस्फोट हुआ। विस्फोट ब्वायलर से निकलने वाली राख की पाइप में हुआ। यह भारी भरकम पाइप इकाई से सीधे ऐश पांड को जाती है, जो यूनिट में करीब 90 फुट की ऊंचाई पर है। वहां काफी संख्या में श्रमिक काम कर रहे थे। बहुत बड़े व्यास वाली पाइप के फटने से काफी मात्रा में आग की तरह तप रही राख का मलबा बाहर आया और तमाम लोग राख के मलबे में दब गए। जिसमें करीब 30 श्रमिकों की मौत हो गई और 100 से अधिक घायल हुए हैं।

NTPC : NTPC 2017

NTPC history : NTPC history 2017

NTPC story : NTPC story 2017

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