
Dal Rice Price Hike: राज्य सरकार ने हाल ही में शक्कर की स्टॉकिंग पर कड़ाई करते हुए व्यापारियों के लिए सीमा 4000 क्विंटल से घटाकर 1000 क्विंटल कर दी है। सरकार के इस कदम से शक्कर के दामों में गिरावट आई है, लेकिन दूसरी ओर आम आदमी की रसोई पर महंगाई की भारी मार पड़ी है। त्योहारों से ठीक पहले दाल, चावल और गेहूं समेत रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में अचानक तेजी आ गई है। 'पत्रिका' पड़ताल में सामने आया है कि बीते एक महीने में रसोई का बजट अचानक बिगड़ गया है। किराना सामान की कीमतों में आए इस अप्रत्याशित उछाल से आम ग्राहक ही नहीं, बल्कि थोक और खुदरा व्यापारी भी हैरान हैं।
त्योहारों के ठीक पहले दामों में आई इस तेजी के पीछे बाजार में सट्टेबाजी और जमाखोरी की आशंका से इंकार नहीं किया जा रहा है। बाजार में सबसे ज्यादा असर दाल और चावल के भावों पर दिख रहा है। मध्यम किस्म का चावल, जो महीना भर पहले 60 रुपए प्रति किलो बिक रहा था, वह अब 80 रुपए के पार पहुंच गया है।
वहीं राहर दाल की कीमत 110 से बढ़कर 140 रुपए प्रति किलो तक पहुंच चुकी है। इसके अलावा गेहूं और आटे की कीमतों में भी तेजी दर्ज की जा रही है। थोक कारोबारियों के अनुसार, महाराष्ट्र में कम बारिश और आने वाले समय में नई फसल कमजोर रहने की आशंका से दालों के दाम बढ़ रहे हैं। हालांकि, चावल की कीमतों में अचानक आए इस उबाल की ठोस वजह खुद जानकार भी नहीं बता पा रहे हैं।
राजधानी के डीडी नगर निवासी सविता मिश्रा का कहना है कि राशन खरीदने बाजार जाएं तो स्थिति चिंताजनक है। अगर रसोई से जुड़े 10 जरूरी सामान खरीदे जाएं, तो एक महीने पहले की तुलना में अब सीधे 100 से 150 अधिक चुकाने पड़ रहे हैं। त्योहार के मौसम में इस महंगाई ने आम घरों का बजट बिगाड़ दिया है।
यदि आप शॉपिंग मॉल्स से राशन खरीदते हैं, तो वहां महंगाई की मार और भी ज्यादा पड़ रही है। आम दुकानों की तुलना में मॉल्स में वही सामान अधिक दामों पर बिक रहा है। चना दाल खुदरा बाजार में 90 रुपए, जबकि मॉल्स में 107 रुपए प्रति किलो है। राहर दाल बाजार में 140, तो मॉल्स में 155 रुपए प्रति किलो। पतला चावल बाजार में 90 तो मॉल्स में 100 रुपए प्रति किलो है।
बढ़ती महंगाई के बीच राज्य सरकार के खाद्य विभाग ने आम नागरिकों को राहत देने के लिए बड़ा निर्णय लिया है। सरकार ने सितंबर और अक्टूबर महीने का कोटा एक साथ उठाने की छूट दी है। इसके लिए 1 अक्टूबर से ही पोर्टल खोल दिया गया है। जिन हितग्राहियों ने सितंबर में चावल नहीं लिया था, वे अब 15 अक्टूबर तक राशन दुकानों से दो महीने का चावल एक साथ प्राप्त कर सकते हैं। सख्ती के बाद रायपुर में शक्कर की कीमतें गिरकर 50 रुपए किलो से नीचे आ गई हैं।
खाद्य सामग्री - एक महीने पहले - वर्तमान दर
प्रकाश अग्रवाल, महामंत्री, रायपुर थोक अनाज व्यापारी कल्याण संघ के अनुसार बीते एक महीने में दाल और चावल की कीमतों में अप्रत्याशित उछाल आया है। शक्कर पर सरकार की सख्ती से राहत मिली है और दाम कम हुए हैं, लेकिन अनाजों की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं।
गोविंद माहेश्वरी, महामंत्री, डूमतराई थोक व्यापारी कल्याण संघ के मुताबिक, चावल की कीमतों में अचानक आग लगी है। कुछ वैरायटी का चावल महीने भर में 60 से बढ़कर 90 रुपए तक पहुंच गया है। दालें भी महंगी हो रही हैं और इस तेजी का कारण समझ से परे है।