
Chhattisgarh EV Policy: छत्तीसगढ़ उर्दू अकादमी के अध्यक्ष इदरीस गांधी ने राज्य सरकार से दिल्ली की तर्ज पर प्रभावी इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) नीति लागू करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छ परिवहन और आम लोगों को इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ में भी आकर्षक ईवी नीति लागू की जानी चाहिए।
इदरीस गांधी ने बताया कि दिल्ली सरकार ने 29 जून 2026 को नई इलेक्ट्रिक वाहन नीति को मंजूरी दी है, जिसमें इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण रियायतें दी गई हैं। उनके अनुसार, नई नीति के तहत 30 लाख रुपये तक की कीमत वाली इलेक्ट्रिक कारों पर 100 प्रतिशत रोड टैक्स और पंजीयन शुल्क (रजिस्ट्रेशन फीस) माफ करने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन खरीदने वाले उपभोक्ताओं को पहले वर्ष अधिकतम 30 हजार रुपये तक का प्रोत्साहन (इंसेंटिव) देने का प्रावधान किया गया है।
उन्होंने कहा कि इस तरह की नीतियां न केवल इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री बढ़ाती हैं, बल्कि प्रदूषण कम करने और जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता घटाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। यदि छत्तीसगढ़ में भी ऐसी सुविधाएं लागू की जाती हैं तो राज्य के लोग बड़ी संख्या में इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने के लिए प्रेरित होंगे।
इदरीस गांधी ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आग्रह किया कि राज्य सरकार जल्द ही छत्तीसगढ़ के लिए नई और प्रभावी इलेक्ट्रिक वाहन नीति तैयार करे। उन्होंने सुझाव दिया कि इलेक्ट्रिक कारों, दोपहिया और अन्य ईवी पर रोड टैक्स व पंजीयन शुल्क में छूट दी जाए तथा खरीदारों को वित्तीय प्रोत्साहन भी उपलब्ध कराया जाए।
उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने से पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ईंधन पर होने वाला खर्च भी कम होगा। साथ ही राज्य में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास और हरित परिवहन को नई गति मिलेगी। गांधी ने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार इस दिशा में सकारात्मक निर्णय लेकर छत्तीसगढ़ को स्वच्छ और आधुनिक परिवहन व्यवस्था की ओर अग्रसर करेगी। इदरीस गांधी ने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास को ध्यान में रखते हुए इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए प्रोत्साहन देने वाली नीति पर गंभीरता से विचार करेगी, जिससे आम उपभोक्ताओं के साथ-साथ प्रदेश के परिवहन क्षेत्र को भी लाभ मिलेगा।