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Thunderstorm Safety Tips: छत्तीसगढ़ में आकाशीय बिजली से लगातार हो रही मौतें, स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी

Thunderstorm Death: आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं और लगातार हो रही मौतों के बीच स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी की है।
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रायपुर

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पीलू राम साहू

Jul 01, 2026

Thunderstorm Sky Lighting

छत्तीसगढ़ में आकाशीय बिजली से लगातार हो रही मौतें (Photo AI)

Chhattisgarh Thunderstorm: प्रदेश में भले ही मानसून नहीं छाया हो, लेकिन इसके असर से आकाशीय बिजली से लगातार मौतें हो रही हैं। इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी किया है। इस अलर्ट में लोगों से कहा गया है कि बारिश के दौरान पेड़ के नीचे खड़े न हों। पक्के मकान में जाएं। प्रदेश में आकाशीय बिजली से हर साल 300 से ज्यादा मौतें होती हैं। पत्रिका ने 14 जून के अंक में आसमानी आफत, सीबी क्लाउड में छिपा 30 करोड़ वोल्ट का खतरा शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। इसमें आकाशीय बिजली गिरने के कारणों व इससे बचने के उपायों को भी बताया था।

आकाशीय बिजली एक प्राकृतिक आपदा

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कहा है कि आकाशीय बिजली एक प्राकृतिक आपदा है, जिससे थोड़ी-सी सावधानी अपनाकर जन हानि एवं गंभीर दुर्घटनाओं से बचा जा सकता है। मौसम खराब होने, बादल गरजने या बिजली चमकने की स्थिति में लोगों को खुले मैदान, खेत, पहाड़ी, जलाशय, पेड़ के नीचे तथा ऊंचे स्थानों पर रुकने से बचना चाहिए।
नदी, तालाब से भी दूर रहें

लोहे की रॉड खतरनाक

बिजली कड़कने के दौरान नदी, तालाब अथवा अन्य जल स्रोतों से दूर रहें तथा धातु के कृषि उपकरण, लोहे की रॉड, तार अथवा अन्य धातु की वस्तुओं के साथ खुले स्थान पर न रहें। साथ ही मौसम विभाग एवं जिला प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी चेतावनियों का पालन करें। यदि कोई व्यक्ति खुले में फंस जाए तो जमीन पर पूरी तरह लेटने के बजाय दोनों पैरों को साथ रखकर नीचे झुक जाए, सिर नीचे रखें तथा अन्य लोगों से कुछ दूरी बनाए रखें। इससे आकाशीय बिजली गिरने की स्थिति में जोखिम कम किया जा सकता है।

प्रभावित को गोबर में न गाड़ें

यदि किसी व्यक्ति पर आकाशीय बिजली गिर जाए तो घबराए नहीं। प्रभावित व्यक्ति को छूना पूरी तरह सुरक्षित होता है। उसे तत्काल सुरक्षित स्थान पर ले जाएं तथा 108 एम्बुलेंस सेवा अथवा निकटतम अस्पताल से तुरंत संपर्क करें तथा तत्काल नजदीकी अस्पताल ले जाएं। यदि व्यक्ति सांस नहीं ले रहा हो अथवा नाड़ी नहीं चल रही हो तो प्रशिक्षित व्यक्ति द्वारा सीपीआर प्रारंभ किया जा सकता है तथा शीघ्र अस्पताल पहुंचाना चाहिए। इससे गंभीर की जान बचाने में आसानी होगी। अंधविश्वास में न आएं। गोबर में न गाड़ें।