आइए जानते है डेंगू, उसके लक्षणों और उससे बचाव के उपायों के बारे में...
रायपुर. छत्तीसगढ़ में इन दिनों लगातार बारिश हो रही है।बारिश आते ही तरह तरह की बीमारियां भी फैलने लगती है।साथ ही छत्तीसगढ़ में डेंगू पहले से ही फैला हुआ है।लगातार बारिश के कारण ये समस्या और बढ़ सकती है।आइए जानते है डेंगू, उसके लक्षणों और उससे बचाव के उपायों के बारे में...
डेंगू एक वायरस से होने वाली बीमारी का नाम है, जो एडीज नामक मच्छर की प्रजाति के काटने से होता है। इस मच्छर के काटने पर विषाणु तेजी से मरीज के शरीर में अपना असर दिखाते है। जिसके कारण तेज बुखार और सर दर्द जैसे लक्षण दिखाई देते है। इसे हड्डी तोड़ “बुखार” या ब्रेक बोन बुखार भी कहा जाता है।डेंगू होने पर मरीज के खून में प्लेटलेट्स की संख्या तेजी से घटती है। जिसके कारण कई बार जान का जोखिम भी बन जाता है।
6 उलटी और दर्द होना।
डेंगू से बचाव
डेंगू के मच्चर अक्सर साफ पानी में ही पैदा होते है। इसलिए इस बात का ध्यान रखें कि आसपास कहीं भी पानी जमा होने ना दें। इसके साथ ही कूलर का पानी भी 1 से 2 दिन में बदलते रहे।
जितना हो सके बच्चों को पूरी बाजू के कपडे पहनाए।
घर और गली में कीटनाशक का छिड़काव जरूर करवाएं।
जितना हो सके इस मौसम में घर की खिड़कियों को बंद करके रखे।
कूड़े के डिब्बे में कूड़ा न जमा होने दे। इससे मच्चर पैदा होते है।