DG-IG Conference: छत्तीसगढ़ में आज से डीजी–आईजी कॉन्फ्रेंस का आगाज हो गया है। इसे लेकर उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि इस सम्मेलन में नक्सलवाद को लेकर विस्तृत मंथन किया जाएगा।
DG-IG Conference: छत्तीसगढ़ में आज से डीजी–आईजी कॉन्फ्रेंस का आगाज हो गया है। इसे लेकर उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि इस सम्मेलन में नक्सलवाद को लेकर विस्तृत मंथन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि नक्सलवाद राज्य की आंतरिक सुरक्षा और विकास के लिए सबसे बड़ा अवरोध रहा है, लेकिन सरकार की लगातार कोशिशों से यह अब बहुत सीमित इलाकों तक सिमट गया है।
उपमुख्यमंत्री का कहना था कि सरकार की नीति और दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति ने नक्सल उन्मूलन अभियान को गति दी है। विष्णुदेव साय सरकार के नेतृत्व में नक्सलवाद समाप्ति की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार, नक्सल उन्मूलन के लिए डबल स्पीड में काम कर रही है। उनका दावा है कि नक्सलवाद (DG-IG Conference) अब समाप्ति के बिल्कुल करीब है।
वहीं पूर्व विधायक गुलाब कमरो के SIR फॉर्म भरे जाने को लेकर उठे विवाद पर भी अरुण साव ने बात की। उन्होंने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया पूरी तरह नियमों के अनुसार होती है। पहले प्रारंभिक मतदाता सूची जारी की जाएगी, जिसके बाद दावा-आपत्तियों का दौर शुरू होगा।
बता दें कि डीजीपी कॉन्फ्रेंस 2014 में शुरू की गई थी। पहली कॉन्फ्रेंस असम के गुवाहाटी में हुई थी। इसके बाद से देश के विभिन्न स्थानों पर इसका आयोजन किया जा रहा है। गुवाहाटी के बाद दूसरी कॉन्फ्रेंस कच्छ के रण (गुजरात), हैदराबाद (तेलंगाना), टेकनपुर (ग्वालियर, मध्य प्रदेश), स्टैच्यू ऑफ यूनिटी (गुजरात), पुणे (महाराष्ट्र), लखनऊ (उत्तर प्रदेश), नई दिल्ली, जयपुर (राजस्थान) और भुवनेश्वर (ओडिशा) में की गई है। इसी परंपरा को जारी रखते हुए यह कॉन्फ्रेंस छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर में हो रही है।
नक्सली उग्रवाद, आतंकवाद को लेकर आंतरिक सुरक्षा के खतरे से मुकाबला, आपदा प्रबंधन, महिला सुरक्षा और पुलिसिंग में फोरेंसिक साइंस तथा एआई के उपयोग।