इस बॉक्स के जरिए कोई भी व्यक्ति किसी मुसीबत में पडऩे पर एक बटन को क्लिक कर मदद मांग सकता है
रायपुर. राजधानी में इमरजेंसी नंबर डायल-112 की सेवा प्रयोग के तौर पर शुरू कर दी गई है। सोमवार को पुलिस लाइन से सभी वाहनों को तैनाती पाइंट पर रवाना किया गया। पहले दिन दिनभर में 30 लोगों ने डायल-112 की मदद ली। इमरजेंसी नंबर 100 में जितनी भी सूचनाएं पुलिस को मिली, उसे डायल 112 में ट्रंासफर कर दिया गया है। दरअसल डायल 112 के लिए अलग से कमांड सेंटर बनाया गया है। खास सॉफ्टवेयर की मदद से इस पर नियंत्रण रखा जाता है। इसी का ट्रायल किया जा रहा है। कोशिश की जा रही है कि कम से कम समय में लोगों को इमरजेंसी सुविधा उपलब्ध कराया जाए।
रायपुर जिले को 52 चौपहिया और 10 दोपहिया वाहन मिले हैं। इन वाहनों को सुबह पुलिस लाइन से रवाना किया गया। जिले भर में खास-खास इलाके में तैनाती पाइंट बनाए गए हैं। कुल 62 तैनाती पाइंट हैं। इन स्थानों पर 24 घंटे ये वाहन तैनात रहेंगे।
नेवरा में सडक़ दुर्घटना हुई। बाइक सवार घायल हो गया। मदद के लिए डायल 112 में कॉल किया गया। कॉल होते ही 10 मिनट के भीतर पुलिस और एंबुलेंस घटनास्थल पर पहुंच गई। घायल को फौरन अस्पताल भेजा गया।
दोपहर करीब 3 बजे जयस्तंभ में एक दुर्घटना हो गई। इसकी सूचना डायल 112 से दी गई। इसके तत्काल बाद मौके पर पुलिस की टीम पहुंच गई। पीडि़त को मदद दी गई है। ट्रैफिक व्यवस्था को भी व्यवस्थित किया गया।
डायल-112 में आने वाले हर कॉल की मॉनिटरिंग होगी। कॉल करने वाले की पूरी जानकारी मिल जाएगी। इसके बाद उसके द्वारा चाही गई मदद मिली या नहीं? इस पर भी नजर रखी जाएगी। अंत में काम हो जाने के बाद कॉल करने वाले से काम के संबंध में फीडबैक लिया जाएगा। डायल 112 की टीम साढ़े तीन सौ पुलिसकर्मी तैनात हैं।
डायल 112 में सोशल मीडिया के जरिए भी सूचनाएं दे सकते हैं। फेसबुक, वाटसएप या अन्य माध्यम के जरिए किसी भी तरह की इमरजेंसी सुविधाओं की मांग की जा सकती है। इसके लिए सोशल मीडिया में पुलिस डायल-११२ के नाम से सक्रिय रहेगी।
स्मार्ट सिटी कंपनी द्वारा शहर में करीब 63 जगहों पर इमरजेंसी कॉल बॉक्स लगाए जा रहे हैं। इस बॉक्स के जरिए कोई भी व्यक्ति किसी मुसीबत में पडऩे पर एक बटन को क्लिक कर मदद मांग सकता है। बटन को दबाने वाले का फोटो कंट्रोल सेंटर को मिल जाएगी और संबंधित विभाग द्वारा मदद मुहैया कराई जाएगी। पहले चरण में कालीबाड़ी चौक से अंबेडकर चौक मरही माता तक सितंबर तक शुरू करने का प्लान है। इस रुट पर करीब ५० मीटर के दायरे में इमरजेंसी कॉल बॉक्स का लगाया जा रहा है। इमरजेंसी कॉल बॉक्स में हाई क्वालिटी के स्पीकर भी लगाए जाएंगे। सिस्टम की क्वालिटी एेसी रखी गई कि गर्मी, बरसात, ठंड में खराब न हो पाएं।
जिन 63 जगहों पर इमरजेंसी काल बॉक्स लगाए जा रहे हैं, उसमें फिलहाल 112 नंबर पर कॉल करने की सुविधा रहेगी। सिस्टम पूरे शहर में लागू होने के बाद 10 प्रकार की और सेवाएं जोड़ी जाएगी। इसमें पुलिस, फायर ब्रिगेड, महिला सहायता, संजीवनी एक्सप्रेस, बिजली के साथ अन्य जरूरी हेल्पलाइन नंबर जोड़े जाएंगे।