
जब कभी हमें हिचकी आती है तो लोग कहने लगते हैं कि हमें कोई याद कर रहा है। क्या वाकई किसी के याद करने से हिचकी आने का संबंध है या फिर कोई दूसरी वजह है। हम आपको बता रहे हैं कि हिचकी का असची कारण क्या है।कई बार खाना खाते वक्त या जोर-जोर से हंसते वक्त हमें हिचकी आती है और जब आती है तो वह काफी परेशाान कर देती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि हमें हिचकी क्यों आती है। इसका कारण होता है हमारी छाती और पेट के बीच में पाया जाने वाला एक डायफ्रॉम।
डायफ्रॉम एक तरह की मांसपेशी होती है, जो छाती की नली को पेट की नली से अलग करती है। ये डायफ्रॉम सांस लेने की प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाता है। फेफड़ों में हवा भरने के लिए डायफ्रॉम का सिकुडऩा और उसका वापस पूर्ववत अवस्था में आना जरूरी होता है। लेकिन जब हमारे पेट में अम्ल या गैस की मात्रा ज्यादा बढ़ जाती है तो यह डायफ्रॉम उत्तेजित होकर सिकुड़ जाता है और वापस अपनी पूर्ववत अवस्था में नहीं आ पाता। तब ऐसी स्थिति में फेफड़ों में जाने वाली हवा रुक जाती है और सांस लेने में दिक्कत होती है। इस स्थिति में एक अजीब-सी आवाज निकलती है। इसी को आम बोलचाल की भाषा में हिचकी आना कहते हैं।
ठंडा पानी पीने से हिचकी आनी बंद हो जाती है, क्योंकि ठंडे पानी से डायफ्रॉम में हुई उत्तेजना समाप्त हो जाती है। थोड़ी देर सांस रोकने या ध्यान कहीं और लगाने पर भी हिचकी आनी बंद हो जाती है।डायफ्रॉम एक तरह की मांसपेशी होती है, जो छाती की नली को पेट की नली से अलग करती है।
डकार नहीं आने से फंस जाती है हवा
आमतौर पर ये डकार से बाहर आ जाती है, पर कभी-कभी ये खाने की तहों के बीच फंस जाती है। हिचकी इस हवा को बाहर निकालने का उपाय है। हिचकी रोकने के लिए कार्बन डाईऑक्साइड की मात्रा बढ़ाना ज़रूरी होता है। इसलिए सांस रोकना कारगर साबित होता है।