
Bharatmala Scam: भारतमाला परियोजना घोेटाले की जांच ईडी या सीबीआई को हस्तांतरित होगी। जमीन मुआवजा वितरण में हुए खेल को देखते हुए राज्य सरकार द्वारा इसे केंद्र सरकार को विधिवत सौंपने की तैयारी चल रही है।
रायपुर कमिश्नर महादेव कांवरे के निर्देश पर गठित स्पेशल टीम द्वारा रिपोर्ट मिलने के बाद इसे राज्य और केंद्र सरकार को सौंप दिया गया है। इसमें घोटाले में सभी की भूमिका की विस्तृत जानकारी दी गई है कि किस तरह से संयुक्त रूप से मिलकर मुआवजा राशि का बंदरबाट किया गया है, इसमें राजस्व विभाग, जमीन दलाल के साथ ही केंद्रीय कर्मचारियों की भूमिका को संदिग्ध बताया गया है।
सूत्रों का कहना है कि केंद्रीय कर्मचारियों की संलिप्ता को देखते हुए ईडी या फिर सीबीआई को पूरा प्रकरण ईओडब्ल्यू से हस्तांतरित किया जाएगा। बता दें कि करोड़ों रुपए के जमीन मुआवजा घोटाले में अब तक की जांच में 43 करोड़ रुपए का फर्जीवाड़ा उजागर हुआ है।
इस घोटाले में ईओडब्ल्यू ने जांच करने के बाद 14 पटवारी, राजस्व विभाग के कर्मचारियों, जमीन दलाल और प्रॉपर्टी डीलरों को गिरफ्तार किया था।