
CGPSC Recruitment Scam: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित CGPSC भर्ती घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रायपुर और भिलाई समेत कई ठिकानों पर छापेमारी की है। सुबह से जारी इस कार्रवाई में ईडी की टीम दस्तावेजों, डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेन-देन से जुड़े साक्ष्यों की जांच कर रही है। भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और आर्थिक पहलुओं की पड़ताल के लिए की जा रही इस कार्रवाई से मामले में नए खुलासों की संभावना जताई जा रही है।
भर्ती घोटाला में पूर्व परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक के रायपुर स्थित निवास में भी दबिश दी गई है। सुबह से ED की टीम रायपुर-भिलाई में जांच पड़ताल कर रही है। वहीं भिलाई के सेक्टर-10 स्थित पूर्व CGPSC सचिव जीवन किशोर ध्रुव (जेके ध्रुव) के निवास पर सुबह से छापेमारी की कार्रवाई जारी है।
मौके पर ED अधिकारियों के साथ सीआरपीएफ के जवान भी तैनात हैं। वहीं भिलाई में सीबीआई ने पूर्व सचिव जेके धुव्र के यहां दबिश दी है। ध्रुव के भिलाई सेक्टर-10 में भी सीबीआई की कार्रवाई चल रही है। प्रकरण में ज्यादातर आरोपियों की जमानत हो चुकी है। मगर मुख्य आरोपी टामन सिंह सोनवानी अभी जेल में हैं।
प्रवर्तन निदेशालय ED की टीम चार सफेद रंग की इनोवा वाहनों में सवार होकर सुबह करीब 6 बजे इस्पात नगरी भिलाई पहुंची। इसके बाद टीम ने सेक्टर-10, स्ट्रीट नंबर-44 स्थित जेके ध्रुव के निवास पर जांच शुरू की। सूत्रों के मुताबिक, छापेमारी में आधा दर्जन से अधिक ED अधिकारी शामिल हैं। जांच एजेंसी घर के भीतर मौजूद दस्तावेजों, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और वित्तीय लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कर रही है। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए सीआरपीएफ जवानों को भी तैनात किया गया है।
जांच एजेंसी घर के भीतर मौजूद दस्तावेजों, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और वित्तीय लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कर रही है। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए सीआरपीएफ जवानों को भी तैनात किया गया है। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई CGPSC भर्ती घोटाले की जांच के सिलसिले में की जा रही है। इस मामले में पहले भी केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) द्वारा जेके ध्रुव के निवास पर छापेमारी की गई थी। अब प्रवर्तन निदेशालय मनी लॉन्ड्रिंग और आर्थिक अनियमितताओं के पहलुओं की जांच कर रहा है।