रायपुर

Liquor scam Case: शराब घोटाले में ED का बड़ा एक्शन, 200 करोड़ की चल-अचल संपत्ति अटैच

EDRaid: कई ठिकानों पर छापेमारी कर महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य जुटाए हैं। ED की इस कार्रवाई से घोटाले में शामिल लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

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Jun 02, 2026
Liquor scam Case
ED की बड़ी कार्रवाई (File Photo)

Liquor scam Case: ईडी ने शराब घोटाले में शामिल पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा, अनवर ढेबर सहित इसके सिंडिकेट में शामिल अन्य 200 करोड़ रुपए की चल-अचल संपत्तियों को अटैच किया गया है। मनी लॉड्रिंग एक्ट के तहत की गई कार्रवाई में रायपुर से लेकर गोवा तक की प्रापर्टी, शेयर और म्युचल फंड शामिल हैं। ईडी रायपुर जोनल कार्यालय ने जानकारी शेयर करते हुए बताया है कि पीएमएलए के तहत तीन कुर्की आदेश (पीएओ) जारी किए हैं। जिसमें 200 करोड़ रुपए की संपत्तियां शामिल हैं। ईओडब्ल्यू/एसीबी, रायपुर द्वारा दर्ज की गई एफआईआर के आधार पर ईडी द्वारा जांच करने पर पता चला कि अनवर ढेबर और अनिल टुटेजा (सेवानिवृत्त आईएएस) के नेतृत्व में एक शराब सिंडिकेट से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों, डिस्टिलरी मालिकों और निजी संस्थाओं की मिलीभगत से यह खेल 2019 और 2023 के बीच चल रहा था।

Liquor scam Case: उत्पाद शुल्क से हेराफेरी कर घोटाला

उत्पाद शुल्क मशीनरी में व्यवस्थित रूप से हेराफेरी कर घोटाला किया गया। शराब की खरीद दरों में कृत्रिम इजाफा कर गोपनीय रूप से बेहिसाब शराब का निर्माण किया गया। इसके जरिए अपने करीबी लोगों को एफएल-10 ए लाइसेंस के माध्यम से 2883 करोड़ रुपए की कमीशनखोरी की गई। बता दें कि इस घोटाले में अब 1000 करोड़ रुपए की चल-अचल संपत्तियों को अटैच किया गया है।

इनकी संपत्तियां अटैच

पहले पीएओ में विकास अग्रवाल और अनवर ढेबर कीअचल संपत्तियों को कुर्क किया गया है। इसमें बताया गया है कि विकास अग्रवाल शराब घोटाले के सिंडिकेट में जमीनी स्तर के वित्तीय प्रबंधक के रूप में काम करते थे। डिस्टिलरी और एफएल -10 ए लाइसेंसधारियों से कमीशन इकट्ठा कर सीधे अनवर ढेबर को फंड भेजते थे। विकास अग्रवाल के परिवार के सदस्यों के नाम पर मौजूद संपत्तियों को उनके अपराध की आय के बराबर मूल्य के रूप में संलग्न किया गया है।

शराब घोटाले के अपराध की आय का 30 करोड़ रुपए

इसके अलावा, अनवर ढेबर की बेनामी संपत्तियां, जिनमें ढेबर सिटी होम्स में कई भूखंड शामिल हैं, रायपुर (उनके लाभकारी नियंत्रण वाली एक फर्म मेसर्स ए. ढेबर बिल्डकॉन के माध्यम से आयोजित) और रायपुर में पांच भूमि पार्सल (शेल संस्थाओं मेसर्स शाइनिंग स्टार बिल्डकॉन, मेसर्स मूनलाइट रियल एस्टेट, मेसर्स स्वर्ण इंफ्राबिल्ड और मेसर्स जय गुरुदेव इंफ्रास्ट्रक्चर के माध्यम से आयोजित) शराब घोटाले के अपराध की प्रत्यक्ष आय का 30 करोड़ रुपए बताई गई है।

गोवा में होटल

ईडी के अनुसार दूसरा पीएओ होटल वेस्टिन गोवा (गांव अंजुना, उत्तरी गोवा) को कुर्क किया गया है। यह मेसर्स पैसिफिक होटल्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर एक प्रीमियम होटल शामिल है। जिसके निदेशकों में राहुल अग्रवाल और विजय कुमार अग्रवाल शामिल हैं। जांच से पता चला कि होटल का अधिग्रहण पूरी तरह से अपराध की आय से करीब 110 करोड़ रुपए में किया गया है। जिसका भुगतान पूर्व सीएम के पुत्र चैतन्य बघेल के कहने पर घोटाले से प्राप्त बेहिसाब नकदी में किया गया था।

शराब कारोबारियों के शेयर और म्यूचुअल फंड

शराब घोटाले में तीसरा पीएओ तीन एफएल-10ए लाइसेंसधारी कंपनी मेसर्स ओम साई बेवरेजेज प्राइवेट लिमिटेड, मैसर्स दिशिता वेंचर्स प्रा. लिमिटेड और मेसर्स नेक्सजेन पावर इंजीटेक प्राइवेट लिमिटेड शामिल है। उ्क्त शराब कंपनियों के 51 करोड़ रुपए बैंक खाते, शेयर और म्यूचुअल फंड में जमा राशि शामिल है। उक्त कंपनियों को शराब घोटाले में शामिल लोगों ने अपने मुनाफे का 50-60 फीसदी सिंडिकेट को भेजने के लिए मजबूर किया गया था। ईडी ने विशेष अदालत (पीएमएलए), रायपुर में अपनी छठी अनुपूरक अभियोजन शिकायत भी दायर की है, जिसमें विजय भाटिया, टी भुनेश्वर राव, प्रोबी शर्मा और निखिल चंद्राकर शामिल है।

इसमें विजय भाटिया (सिंडिकेट से करीबी संबंध रखने वाला व्यवसायी है। जिसके पास मेसर्स ओम साई बेवरेजेज में 52.5 फीसदी बेनामी हिस्सेदारी थी, जिसे जबरदस्ती उसे स्थानांतरित कर दिया गया था) टी. भुनेश्वर राव और प्रोबीर शर्मा (जिन्होंने सिंडिकेट की ओर से करोड़ों रुपए नकद स्थानांतरित किए थे) जिसमें निखिल चंद्राकर भी शामिल था। बता दें कि इस घोटाले में अभियोजन द्वारा पेश किए गए चालान में आरोपियों की कुल संख्या 85 हो गई है।

Updated on:
02 Jun 2026 08:50 am
Published on:
02 Jun 2026 08:45 am