Sitanadi Tiger Reserve : वन्यप्राणियों के गणना के लिए उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व में जगह-जगह ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं।
Sitanadi Tiger Reserve : वन्यप्राणियों के गणना के लिए उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व में जगह-जगह ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं। शनिवार को रिसगांव वन परिक्षेत्र के कक्ष क्रमांक 300 पश्चिम मुहुकोट में लगाए गए ट्रैप कैमरा को हाथी ने तोड़ दिया है। यह घटना ट्रैप कैमरे में ट्रेस हुई है, जिसमें हाथी कैमरा को नुकसान पहुंचाते दिख रहा है।
उल्लेखनीय है कि उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व के जंगल हाथियों के लिए सुरक्षित सा हो गया है। जनहानि के साथ-साथ धन हानि हाथियों के द्वारा होता रहा है। लेकिन वर्तमान में हाथी मित्र दल के सजगता के कारण बहुत हद तक इसमें रोक लगी है। यह स्थान हाथियों के लिए आदर्श है, जहां उन्हें अपनी प्राकृतिक जीवनशैली को निभाने का अवसर मिलता है।
वन्यप्राणियों के संरक्षण के लिए अनेक पहल की जा रही हैं, जैसे कि हाथियों के लिए आदर्श स्थानों की निर्माण, संगठनित पदक्षेप और साइंटिफिक तरीके से किया जा रहा है। आज हमारे टाइगर रिजर्व में हाथी मावन द्वंद्व में बहुत हद तक कमी आई है। वहीं ट्रैप कैमरे के जरिए हमारे वन क्षेत्र के वन्यप्राणियों को फोटोग्राफ मिलते रहते है, शनिवार को ही जंगली श्वानों का एक ग्रुप कैमरे में आया है।
200 ट्रैप कैमरों से गणना की तैयारी
शासन ने वन्य प्राणियों की गणना कराने के लिए सीतानदी-उदंती टाइगर रिजर्व में जगह-जगह ट्रैप कैमरा लगाए गए हैं। इसमें धमतरी जिले की सीमा में टाइगर रिजर्व के सीतानदी रेंज, अरसीकन्हार रेंज और रिसगांव रेंज में 200 ट्रैप कैमरा लगाया गया है, जहां रोजाना विविध वन्य प्राणियों के वीडियो फुटेज सामने आ रहे हैं।
60 से अधिक कैमरों की चोरी
वन विभाग के सूत्रों के अनुसार पिछले पांच सालों में रिसगांव, अरसीकन्हार और सीतानदी रेंज में 60 से ज्याद ट्रैप कैमरों की चोरी हो चुकी है। संबंधित रेंजरों ने इसकी शिकायत थाने में भी दर्ज कराई, लेकिन आज तक ट्रैप कैमरा चुराने वालों को पकड़ा नहीं जा सका।