सरकार के 26 करोड़ रुपए के अगस्ता हेलीकॉप्टर की पहली बार इमरजेंसी लैंडिंग नहीं हुई है। इससे पहले भी अगस्ता हेलीकॉप्टर इन मौकों पर धोखा दे चुका है।
रायपुर . राज्य सरकार के 26 करोड़ रुपए के अगस्ता हेलीकॉप्टर - 109 की पहली बार इमरजेंसी लैंडिंग नहीं हुई है। इससे पहले भी अगस्ता हेलीकॉप्टर इन मौकों पर धोखा दे चुका है।
इन मौकों पर भी दे चुका है धोखा
- मार्च 2016 में सुकमा से लौटते हुए हेलीकॉप्टर हवा में 150 फीट का हिचकोला खा गया था। उस समय मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह और शिक्षा मंत्री केदार कश्यप भी उसमें सवार थे।
- अगस्त 2017 में जगदलपुर से उड़ान भरते ही हेलीकॉप्टर का संतुलन बिगड़ गया। आनन-फानन में उसे वहीं उतारना पड़ा। हेलीकॉप्टर में उच्च शिक्षा मंत्री प्रेमप्रकाश पाण्डेय और भाजपा की राष्ट्रीय महामंत्री सरोज पाण्डेय सवार थीं।
पांच बार हुई इमरजेंसी लैंडिंग
एक बार फिर तकनीकी खराबियों से अगस्ता हेलीकॉप्टर - 109 की इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। अब इस हेलीकॉप्टर की पांच इमरजेंसी लैंडिंग कराई जा चुकी है। मंगलवार को जगदलपुर से रायपुर आ रहा हेलीकॉप्टर अभनपुर के पास हवा में हिचकोले खाने लगा।
हालांकि पायलटों ने कुशलता से उसे सारखी के मिनी स्टेडियम में सुरक्षित उतार लिया। हेलीकॉप्टर में केवल पायलट और सह पायलट ही सवार थे। गांव में हेलीकॉप्टर उतरा देख आसपास ग्रामीणों की भीड़ लग गई।
बाद में स्थानीय पुलिस ने हेलीकॉप्टर को सुरक्षा घेरे में लिया। हालांकि विमानन विभाग के सचिव मुकेश बंसल का कहना है, यह आपात लैंडिंग नहीं थी। दो चार बार वाइब्रेशन हुआ तो पायलटों ने इसे नीचे उतार लिया। इंजीनियर उसकी जांच कर रहे हैं। उसके बाद ही हेलीकॉप्टर वापस लाया जाएगा। राज्य सरकार ने इस हेलीकॉप्टर को इटली की एक कंपनी से 2007 में खरीदा था।