रायपुर

Fake Paneer Update: असली पनीर के नाम पर धोखा! एनालॉग पनीर बेचने वालों पर खाद्य विभाग का शिकंजा

छत्तीसगढ़ में त्योहारी सीजन के बीच नकली और एनालॉग पनीर के खिलाफ खाद्य विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है। होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों और दुकानों में जांच व छापेमारी जारी है। असली पनीर के नाम पर नॉन-डेयरी उत्पाद बेचने वालों पर कार्रवाई की जा रही है।
2 min read
• •
Updated: 20 Sep 2026, 4:17 PM IST
analog paneer arrives in bhopal for diwali
पनीर के नाम पर धोखा! (photo-patrika canva)

Fake Paneer Update: छत्तीसगढ़ में त्योहारी सीजन के बीच नकली और एनालॉग पनीर के कारोबार पर खाद्य विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSSAI) और विभिन्न राज्यों के खाद्य विभागों की टीमें लगातार जांच और छापेमारी कर रही हैं। उत्पादन, भंडारण, परिवहन और बिक्री पर विशेष नजर रखी जा रही है। असली पनीर के नाम पर नॉन-डेयरी उत्पाद बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों और दुकानों में भी पनीर की गुणवत्ता की जांच की जा रही है। त्योहारी मांग बढ़ने के कारण विभाग ने निगरानी और तेज कर दी है।

Fake Paneer: 24 सितंबर को राज्यों के साथ अहम बैठक

भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) देशभर में एनालॉग पनीर पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने के प्रस्ताव पर विचार कर रहा है। इस मुद्दे को लेकर 24 सितंबर को सभी राज्यों के साथ अहम बैठक प्रस्तावित है। बैठक में एनालॉग पनीर के उत्पादन और बिक्री पर रोक समेत कई बिंदुओं पर चर्चा हो सकती है।

कई राज्यों में बढ़ी सख्ती

छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और कर्नाटक समेत कई राज्यों में एनालॉग पनीर के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। त्योहारी सीजन को देखते हुए खाद्य विभाग की टीमें दुकानों, डेयरी और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों में जांच कर रही हैं। कार्रवाई के दौरान कई जगहों से संदिग्ध और नकली पनीर जब्त किए जाने की जानकारी सामने आई है।

क्या होता है एनालॉग पनीर?

एनालॉग पनीर असली दूध से तैयार किए जाने वाले पारंपरिक पनीर से अलग होता है। इसे बनाने में वनस्पति तेल, सोया फैट, स्टार्च और इमल्सीफायर जैसे घटकों का इस्तेमाल किया जा सकता है। ऐसे उत्पादों को अगर सही लेबलिंग के बिना असली पनीर के रूप में बेचा जाता है, तो यह खाद्य नियमों का उल्लंघन माना जा सकता है।

'पनीर' के नाम पर बेचने पर कार्रवाई

खाद्य सुरक्षा नियमों के तहत नॉन-डेयरी या एनालॉग उत्पाद को गलत तरीके से 'पनीर' के नाम से बेचना उपभोक्ताओं को गुमराह करने की श्रेणी में आ सकता है। होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों में भी ऐसे उत्पादों के इस्तेमाल और उनकी सही जानकारी देने को लेकर खाद्य विभाग निगरानी कर रहा है।

उपभोक्ताओं को भी रहना होगा सतर्क

खाद्य विभाग की कार्रवाई के साथ उपभोक्ताओं को भी पनीर खरीदते समय सावधानी बरतने की जरूरत है। पैकेट बंद उत्पाद खरीदते समय लेबल, सामग्री और FSSAI लाइसेंस संबंधी जानकारी जांचना जरूरी है। खुले में बिकने वाले पनीर की गुणवत्ता को लेकर संदेह होने पर संबंधित खाद्य विभाग को शिकायत की जा सकती है।

Updated on:
20 Sep 2026, 4:17 PM IST
Published on: