रायपुर

फलाहारी बाबा की गिरफ्तारी के बाद पीडि़ता के पिता ने कहा – ऐसे बाबाओं से बचकर रहें

फलाहारी बाबा की गिरफ्तारी के बाद पीडि़ता के पिता ने पत्रिका से अपनी पीड़ा साझा की और एेसे बाबाओं से दूर रहने की सलाह दी।

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Sep 23, 2017
falahari baba

रायपुर. छत्तीसगढ़ के बिलासपुर की युवती से यौन शोषण के आरोपी कौशलेंद्र प्रपन्नाचार्य फलाहारी बाबा को शनिवार को राजस्थान पुलिस ने अलवर में गिरफ्तार कर लिया। फलाहारी बाबा को चिकित्सा जांच के लिए सरकारी अस्पताल ले जाया गया और बाद में उन्हें अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (एसीजीएम) के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें 6 अक्टूबर तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। अलवर के पुलिस अधीक्षक राहुल प्रकाश ने बताया कि बाबा को धारा 376 (दुष्कर्म) और धारा 506 (आपराधिक धमकी) के तहत गिरफ्तार किया है।

उधर, पीडि़ता के पिता ने पत्रिका से अपनी पीड़ा साझा की। उनका कहना है कि बाबा सम्मोहन करता है। उनके सम्मोहन में ही फंसकर ही उनका परिवार अंधभक्त बन गए थे। जिसका खामियाजा इस कदर भुगतना पड़ेगा, यह सपने में भी नहीं सोचा था। उन्होंने लोगों को सुझाव दिया है कि ऐसे बाबाओं से बच कर रहें। जरूरी है तो पूरी पड़ताल करके ही किसी से जुड़ें।

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उन्होंने बताया कि इस बच्ची को बाबा ने गोद में भी खिलाया है। हम उनके अंधभक्तथे इसलिए अवश्विास का सवाल ही नहीं था? घटना वाले दिन वह अपनी पहली कमाई का चेक उन्हें देने गई थी। मेरे जैसे कई लोग हैं जो इस सम्मोहन में बंधे रहे हैं।

एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, उस समय बाबा ने हमारी पत्नी से भी कहा कि हम एक वारिस देना चाहते हैं। इसके लिए उन्होंने ऑपरेशन तक खुलवाने को कहा, और बोले कि हम ऐसी जड़ी बूटी देंगे जिससे वारिस मिल जाएगा। हालांकि हमने साफ मना कर दिया।

आश्रम का कमरा सील
पुलिस अधिकारी ने बताया, हमने महिला के बयान दर्ज कर लिए हैं और उसे आश्रम में उस कमरे की पहचान कराने के लिए ले जाया गया, जहां यह अपराध हुआ था। उसे बाबा के उस भक्त की भी पहचान कराने के लिए आश्रम ले जाया गया था, जिसने उसे अलवर रेलवे स्टेशन पहुंचाया था। पुलिस ने बाबा के उस कमरे को सील कर दिया है, जहां से वह अपने अनुयायियों को संबोधित करते थे।

बिलासपुर में कराया था मामला दर्ज
पीडि़ता ने पहले इस मामले को बिलासपुर पुलिस थाने में दर्ज कराया था, जिसे बाद में अलवर के अरावली विहार पुलिस थाने में स्थानांतरित कर दिया गया था। मामला ऐसे समय प्रकाश में आया है, जब 25 अगस्त को पंचकुला की विशेष अदालत ने डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम रहीम को दो शिष्याओं के साथ दुष्कर्म करने के मामले में 20 वर्ष कारावास की सजा सुनाई थी।

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Published on:
23 Sept 2017 11:20 pm
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