
NEET Free Coaching: शासकीय स्कूलों में पढ़ने वाले गरीब और मेधावी छात्रों को अब मेडिकल और इंजीनियरिंग की प्रवेश परीक्षाओं की निशुल्क तैयारियां करवाई जाएगी। विद्यार्थियों को नीट और जेईई की तैयारी के लिए कोचिंग जाना नहीं पड़ेगा। जिला शिक्षा विभाग की ओर से मेधावी विद्यार्थियों के लिए नई योजना बनाई गई है। जिसके तहत जिले के 80 विद्यार्थियों को स्कूल स्तर पर ही नीट और जेईई की निशुल्क तैयारी करवाई जाएगी। तैयारी के लिए नीट में 40 ओर जेईई के लिए 40 विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा। विद्यार्थियों का चयन कर प्रस्ताव लोक शिक्षण संचालनालय को भेजा जा रहा है। स्वीकृति के बाद स्पेशल क्लासेसे शुरु हो जाएगी।
जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के अधिकारियों के अनुसार, सरकारी स्कूलों के मेधावी विद्यार्थी कोचिंग सेंटर के मंहगे शुल्क की वजह से नीट और जेईई की तैयारी ही नहीं कर पाते है। जिला शिक्षा विभाग की ओर से शुरु किए जाने वाले इस प्लानिंग से विद्यार्थियों को स्कूल में ही विशेषज्ञों द्वारा जेईई और नीट की तैयारियां करवाई जाएगी। इसमें एक्सपर्ट मार्गदर्शन देने के साथ ही परीक्षाओं की पूरी तैयारी करवाएंगे।
योजना के तहत पहले मेधावी विद्यार्थियों की पहचान के लिए एक चयन प्रक्रिया अपनाई जाएगी। जिले में वर्तमान में संचालित करीब 1033 सरकारी स्कूलों में 1 लाख 61 हजार 972 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। इनमें से शुरुआती चरण में नीट के लिए 40 और जेईई के लिए 40 छात्रों को शॉर्टलिस्ट किया जाएगा। इसके बाद विद्यार्थियों को विषयवार तैयारी और कक्षाओं के संचालन की प्लानिंग तैयार की जाएगी।
जिला शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, सरकारी स्कूलों में बड़ी संख्या में ऐसे विद्यार्थी पढ़ते हैं, जो पढ़ाई में बेहतर होने के बावजूद आर्थिक स्थिति के कारण NEET और JEE जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की महंगी कोचिंग नहीं ले पाते। निजी कोचिंग संस्थानों की फीस कई परिवारों के लिए बड़ी राशि होती है। ऐसे में विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह योजना तैयार की गई है। योजना के तहत चयनित विद्यार्थियों को स्कूल स्तर पर ही विषयवार तैयारी कराई जाएगी। इसके लिए विशेषज्ञ शिक्षकों और विषय विशेषज्ञों की मदद ली जाएगी। विद्यार्थियों को परीक्षा के पाठ्यक्रम के साथ-साथ प्रश्नों के पैटर्न, समय प्रबंधन और परीक्षा की रणनीति से भी परिचित कराया जाएगा।