
Chhattisgarh Politics: रायपुर में रविवार को राजीव भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश में “अघोषित आपातकाल” जैसे हालात हैं और लोकतंत्र को कमजोर किया जा रहा है। भूपेश बघेल ने दावा किया कि आज की नई पीढ़ी, खासकर Gen Z, लोकतांत्रिक बदलाव की बड़ी ताकत बन रही है और इसी वजह से केंद्र सरकार असहज महसूस कर रही है। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी बदलाव की दिशा तय करने की क्षमता रखती है और उसका प्रभाव लगातार बढ़ रहा है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के समय में सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर Gen Z का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि कुछ ही दिनों में लाखों-करोड़ों फॉलोअर्स बन जाना इस नई पीढ़ी की ताकत को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी बढ़ते प्रभाव से केंद्र सरकार दबाव में है और असहज महसूस कर रही है।
भूपेश बघेल ने कहा कि देश तेजी से आर्थिक संकट की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत अब कई जरूरी संसाधनों के लिए अन्य देशों पर निर्भर होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि पहले देश ने गुलामी से आजादी हासिल की थी, लेकिन आज आर्थिक निर्भरता ने नई चुनौतियां पैदा कर दी हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री ने पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतों को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ती कीमतों से आम जनता का बजट बिगड़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि हाल के दिनों में ईंधन और गैस के दामों में वृद्धि से महंगाई चरम पर पहुंच गई है, जिससे मध्यम वर्ग और गरीब परिवार सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
भूपेश बघेल ने कहा कि देश में लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी में इसे लेकर जागरूकता है और वह बदलाव की क्षमता रखती है। उन्होंने कहा कि देश को एक मजबूत लोकतांत्रिक व्यवस्था की जरूरत है, जो जनता की आवाज को दबाए नहीं बल्कि उसे मजबूत करे।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद को लेकर चल रही चर्चाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए भूपेश बघेल ने कहा कि पार्टी में नेतृत्व का निर्णय हाईकमान करता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दीपक बैज पिछले कई वर्षों से प्रदेश अध्यक्ष के रूप में काम कर रहे हैं और पूरी पार्टी उनके नेतृत्व में संगठित है। इसके साथ ही उन्होंने टीएस सिंहदेव के बयानों पर किसी भी तरह की टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। भूपेश बघेल के इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। उनके आरोपों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।