रायपुर

Chhath Puja 2023: डूबते और उगते सूर्य को अर्घ्य देने के लिए आस्था से छलकेंगे तालाब और नदी घाट

Chhath Puja 2023: छठ महापर्व पर तालाबों और खारुन नदी का महादेवघाट आस्था से छलकेगा। 17 नवम्बर को नहाय खाय के साथ छठ पूजा प्रारंभ होगी।

2 min read
Nov 06, 2023
मनरेगा में फर्जीवाड़ा, फर्जी फोटो अपलोड कर 25.33 लाख का घोटाला,मनरेगा में फर्जीवाड़ा, फर्जी फोटो अपलोड कर 25.33 लाख का घोटाला,डूबते और उगते सूर्य को अर्घ्य देने के लिए आस्था से छलकेंगे तालाब और नदी घाट

रायपुर। Chhattisgarh News: छठ महापर्व पर तालाबों और खारुन नदी का महादेवघाट आस्था से छलकेगा। 17 नवम्बर को नहाय खाय के साथ छठ पूजा प्रारंभ होगी। छठ महापर्व आयोजन समिति महादेवघाट रायपुर द्वारा पूजा पर्व की जोरदार तैयारियां करने की रूपरेखा तय की गई है। समिति द्वारा 19 नवंबर को महादेवघाट में संध्या महाआरती, सांस्कृतिक कार्यक्रम और रात में भंडारे का आयोजन किया जाएगा। उगते सूर्य को 20 नवम्बर को अर्घ्य के बाद भंडारा होगा। समिति, जिला प्रशासन और नगर निगम के सहयोग से शहर के खारुन नदी के महादेवघाट सहित सभी घाटों की सफाई करेगी।

शहर के धार्मिक स्थल महादेवघाट में भव्य पूजा कार्यक्रम होता है, जहां हजारों की संख्या में छठ व्रती जुटते रहे हैं। आयोजन समिति के अध्यक्ष राजेश कुमार सिंह ने रविवार को पत्रकारों से चर्चा करते हुए बताया कि छठ पूजा स्वच्छता का प्रमुख पूजा पर्व है, जिसमें डूबते और उगते सूर्यदेव को अर्घ्य देने का विधान है। समिति ने इस वर्ष छठ पूजा भव्यता और उत्साह से मनाने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि छठ पूजा छत्तीसगढ़ में रायपुर, बिलासपुर, भिलाई-दुर्ग, कोरबा, बस्तर एवं अन्य शहरों में बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। रायपुर में छठ पूजा 50 से अधिक स्थानों जैसे महादेव घाट, व्यास तालाब और अन्य तालाबों के किनारे पूजा करने छठ व्रती इकट्ठा होते हैं। इस अवसर पर सुनील सिंह, रविंद्र सिंह, कन्हैया सिंह, परमानंद सिंह, रामकुमार सिंह, जयंत सिंह, ब्रजेश सिंह, सत्येंद्र सिंह गौतम, वेद नारायण सिंह, संजय सिंह, संतोष सिंह, मनोज सिंह, अनिल सिंह एवं अन्य सदस्य उपस्थित थे।

20 नवंबर को उगते सूर्य को अर्घ्य के साथ समापन

उन्होंने बताया कि चार दिवसीय छठ महापर्व की शुरुआत 17 नवंबर को नहाय खाय के साथ होगी। छठ पूजा उत्तर भारतीय समाज का महत्वपूर्ण पर्व है जिसे समाज के सभी लोग विधि पूर्वक करते हैं। लोहंडा एवं खरना 18 नवंबर को होग। छठ पर्व ही दुनिया का मात्र एक पर्व है जिसमें डूबते सूर्य एवं उगते की पूजा की जाती है। जिसे सूर्य षष्ठी व्रत के नाम से भी जाना जाता है। छठ पूजा सूर्य और उनकी बहन छठी मइया को समर्पित है। बिहार एवं पूर्वी उत्तर प्रदेश के लोग जिस देश एवं राज्यों में जाकर बसे वहां भी अपनी संस्कृति को आज भी बचाये हुऐ हैं। छठ महापर्व नेपाल, फिजी, मॉरिशस, सूरीनाम, गुयाना एवं अन्य देशों में भी मनाया जाता है ।

Updated on:
06 Nov 2023 04:40 pm
Published on:
06 Nov 2023 04:11 pm
Also Read
View All