
Heatwave Alert: एक से डेढ़ घंटे धूप में रहना भी पड़ा भारी(photo-patrika)
Heatwave Alert: छत्तीसगढ़ में इस बार भीषण गर्मी का असर लोगों की सेहत पर साफ दिखाई दिया है। अप्रैल से 15 जून तक लू की चपेट में आने वाले 1100 से ज्यादा मरीजों का इलाज किया गया। ये आंकड़े राजधानी के डॉ. भीमराव अंबेडकर मेमोरियल हॉस्पिटल, रायपुर और निजी अस्पतालों में भर्ती मरीजों के हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, पिछले साल की तुलना में इस बार लू के मरीजों की संख्या करीब डेढ़ गुना बढ़ी है। तेज धूप, बढ़ते तापमान और लापरवाही के कारण हीट स्ट्रोक के मामले तेजी से बढ़े हैं।
डॉक्टरों का कहना है कि कई मरीज तेज धूप में महज एक से डेढ़ घंटे रहने के बाद बीमार होकर अस्पताल पहुंचे। मरीजों की हिस्ट्री में सामने आया कि दोपहर 1 से 2 बजे के बीच बाहर रहने वाले लोग ज्यादा प्रभावित हुए। शुरुआत में बुखार, सिरदर्द, शरीर में पानी की कमी और पसीना नहीं आने जैसी परेशानियां सामने आईं। कुछ मरीज बेहोश होकर भी गिरे।
लू की चपेट में आने वालों में ईंट भट्ठों, बिल्डिंग निर्माण में लगे मजदूर और राजमिस्त्री बड़ी संख्या में रहे। खुले में लंबे समय तक काम करने के कारण इन लोगों में हीट स्ट्रोक के मामले ज्यादा सामने आए। इसके अलावा जरूरी काम से दोपहर में बाहर निकलने वाले लोग भी लू से प्रभावित हुए।
इस गर्मी के सीजन में प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान 46 डिग्री के पार पहुंच गया। राजनांदगांव, रायपुर, दुर्ग, माना और बिलासपुर जैसे क्षेत्रों में भीषण गर्मी का असर देखने को मिला। अलग-अलग जिलों से रेफर होकर भी कई मरीज आंबेडकर अस्पताल पहुंचे।
लू से प्रभावित कुछ बुजुर्ग मरीजों की हालत गंभीर हो गई, जिन्हें वेंटिलेटर और एमआईसीयू में भर्ती करना पड़ा। डॉक्टरों के अनुसार शरीर का तापमान 104 से 105 फॉरेनहाइट तक पहुंचने पर मल्टी ऑर्गन फेल्योर, सांस लेने में परेशानी और कोमा जैसी स्थिति बन सकती है। हालांकि राहत की बात रही कि राजधानी में लू से किसी मरीज की मौत नहीं हुई।
विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और शरीर को हाइड्रेट रखने की सलाह दी है। खासकर बुजुर्ग, बच्चे और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों को गर्मी में ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है।
Updated on:
17 Jun 2026 07:09 am
Published on:
17 Jun 2026 07:09 am
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