रायपुर

सरकारी विभागों में 3200 करोड़ रुपए का बिजली बिल बकाया, CSPDCL ने दिखाई सख्ती, अब ऐसे होगी वसूली

Electricity Bill: प्रदेश के 34 सरकारी विभाग का करीब 3200 करोड़ रुपए बिजली बिल बकाया है। इसे वसूलने के लिए अब सख्ती दिखानी शुरू कर दिया है। एक प्रस्ताव बनाकर सरकार को भेजने की तैयारी है…

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Feb 03, 2026
सरकारी विभागों को नहीं मिलेगी उधार बिजली ( Photo - Patrika )

दिनेश कुमार. छत्तीसगढ़ के सभी सरकारी विभाग समेत आम बिजली उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर ( Electricity Bill ) लगाने का काम 70 फीसदी के ज्यादा पूरा हो गया है। फीटर मीटर लगाने का काम 100 फीसदी हो चुका है। वहीं, ट्रांसफार्मर में 30 फीसदी स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। सीएसपीडीसीएल ने प्रदेशभर में जल्द प्री-पेड सिस्टम शुरू करने की तैयारी कर रहा है। सरकारी विभाग को अब बिजली उधार में नहीं मिलेगी।

Electricity Bill: जमा करना होगा एडवांस बिल

प्री-पेड सिस्टम शुरू होने पर सरकारी विभागों को तीन महीने का अनुमानित बिल एडवांस में बिजली कंपनी को जमा करना पड़ेगा। साथ ही बकाया भी हर महीने किश्तों में जमा करना पड़ेगा। सरकारी विभाग से बकाया और एडवांस जमा करने के संबंध प्रस्ताव बिजली कंपनी ने तैयार कर लिया है और इसे इसी माह स्वीकृति के लिए सरकार के पास मंजूरी के लिए भेजने जा रही है।

अलग से रखना होगा बजट

प्री-पेड सिस्टम लागू होने पर सरकारी विभाग को बिजली बिल एडंवास में जमा करने के लिए अलग से बजट रखना होगा। एडवांस में जमा बिजली बिल खत्म होने पर विभागों को तीन बार एसएमएस भेजा जाएगा। इसके बाद मीटर दोबारा रिचार्ज नहीं करने पर बिजली कनेक्शन अपने आप ही कट जाएगी। बिजली कनेक्शन कटने का पूरा सिस्टम ऑटामेटिक रहेगा। रिचार्ज करने के बाद ही दोबारा विभागों में बिजली शुरू होगी।

करीब 3200 करोड़ बकाया सरकारी विभाग में

प्रदेशभर में 34 सरकारी विभाग का करीब 3200 करोड़ रुपए बिजली बिल बकाया है। सबसे ज्यादा नगरीय निकाय का नवंबर माह में 1948.39 करोड़ रुपए बिल बकाया है। कई वर्षों से बिजली बिल नहीं भरने के कारण लगातार विभागों का बिल बढ़ता जा रहा है। मई माह में नगरीय निकाय विभाग का बिल 1708. 62 करोड़ रुपए था, जो नवंबर माह में बढक़र 1948. 39 करोड़ रुपए हो गया। इसी तरह अन्य सरकारी विभागों का भी लगातार बढ़ता जा रहा है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग का भी 728.91 करोड़ बिजली बिल बकाया है। लेकिन, बिजली विभाग न तो वसूली कर पा रहा है और न ही कनेक्शन काटने की कार्रवाई कर रहा।

आम उपभोक्ताओं पर भी शिकंजा

करीब 56 लाख उपभोक्ताओं के घरों में स्मार्ट मीटर लगाने का काम 2027-28 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। अब तक 33.31 लाख उपभोक्ताओं के घरों में स्मार्ट मीटर लग चुके हैं। सीएसपीडीसीएल के अधिकारियों के अनुसार स्मार्ट मीटर में प्री-पेड व्यवस्था जल्द लागू करने की तैयारी की जा रही है। इसके बाद आम उपभोक्ता को भी बिजली उपयोग करने के लिए एडवांस में बिजली बिल जमा करना होगा। यानि पहले मीटर को मोबाइल की तरह रिचार्ज करना होगा, फिर बिजली उपयोग करने को मिलेगी।

सिक्योरिटी मनी जुड़ेगी बैलेंस में

सीएसपीडीसीएल ने स्मार्ट मीटर में प्री पेड व्यवस्था लागू होने के कई फायदे बताए हैं। उपभोक्ता की ओर से कंपनी के पास जमा सिक्योरिटी मनी उपभोक्ता के बिजली कनेक्शन में बैलेंस के रूप में जुड़ जाएगा और उसके बिजली खपत पर पहले सिक्योरिटी मनी से पैसा पेड होता जाएगा। सिक्योरिटी मनी का बैलेंस खत्म होने के बाद ही के रिचार्ज किए गए बैलेंट से बिल कटना शुरू होगा।

300 दिन के चुकाना होगा बकाया

जिन उपभोक्ताओं का बिजली बिल स्मार्ट मीटर लगाने के समय बकाया रहेगा, उपभोक्ताओं को बिजली बिल का बकाया 300 दिन में चुकाना होगा। ऑटोमेटिक सिस्टम के आधार पर रिचार्ज से बिजली खपत का पैसा कटने के साथ बकाया बिल का भुगतान भी होने लगेगा। यानी 300 रुपए बकाया है, तो प्रतिदिन एक रुपए प्रतिदिन रिचार्ज से बकाया में कट जाएगा।

तैयारी चल रही है

पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन व जनरेशन कंपनी छत्तीसगढ़, ऊर्जा सचिव व अध्यक्ष,डॉ. रोहित यादव ने बताया कि स्मार्ट मीटर तेजी से आम उपभोक्ताओं के साथ सरकारी विभागों में भी लगाए जा रहे हैं। प्री-पेड सिस्टम लागू करने की तैयार की जा रही है। जल्द ही सरकार इस मामले में फैसला लेगी। प्री-पेड सिस्टम लागू होने से उपभोक्ताओं को ही फायदा है।

सीएसपीडीसीएल ने तैयार किया प्रस्ताव, सरकार को भेजा जाएगा
बकाया भी हर महीने किश्तों में चुकाना पड़ेगा
जल्द ही प्री पेड सिस्टम होगा लागू
2027-28 तक सभी उपभोक्ताओं तक पहुंचने का लक्ष्य

इतने फीडर, ट्रांसफार्मर औैर उपभोक्ताओं में लग चुके मीटर
मीटर-कुल उपभोक्ता- इतने लग चुके
फीडर मीटर- 5854-5854
वितरण ट्रांसफार्मर-245424 -69135
कन्ज्यूमर- 5563405 -3331815
सरकारी विभाग- 172597- 119785

प्रस्ताव भेजा जा रहा

प्री-पेड सिस्टम लागू होनेे पर सरकारी विभागों को एडवांस में बिजली बिल जमा करना होगा। बकाया भी हर महीने किश्तों में चुकाना होगा। इस संबंध में सीएसपीडीसीएल ने प्रस्ताव तैयार कर लिया है। इसी माह प्रस्ताव को सरकार के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।

एसके ठाकुर, ईडी (राजस्व), सीएसपीडीसीएल

Updated on:
03 Feb 2026 01:30 pm
Published on:
03 Feb 2026 01:29 pm
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