
Magh Purnima Holiday: छत्तीसगढ़ में संत शिरोमणि गुरु रविदास की 650वीं जयंती वर्ष के अवसर पर आयोजित प्रदेश स्तरीय कलश वंदन अभियान के शुभारंभ समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने संत रविदास के सम्मान में माघ पूर्णिमा पर सरकारी अवकाश घोषित करने, राज्य अलंकरण में संत रविदास के नाम से पुरस्कार शुरू करने और नया रायपुर में एक प्रमुख चौक का नाम उनके नाम पर रखने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि संत रविदास के विचार सामाजिक समरसता, समानता और मानवता का संदेश देते हैं। राज्य सरकार उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास करेगी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने घोषणा की कि अब से छत्तीसगढ़ में माघ पूर्णिमा के अवसर पर सरकारी अवकाश रहेगा। उन्होंने कहा कि इस दिन प्रदेशभर में शराब और अन्य मादक पदार्थों की बिक्री भी बंद रहेगी। सरकार का उद्देश्य संत रविदास के संदेशों के अनुरूप सामाजिक और आध्यात्मिक वातावरण को बढ़ावा देना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार राज्य अलंकरण योजना में संत रविदास के नाम पर एक नया पुरस्कार शुरू करेगी। यह सम्मान समाज सेवा, सामाजिक समरसता और मानव कल्याण के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों को समर्पित किया जाएगा। इससे संत रविदास के विचारों और उनके योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि नया रायपुर के एक प्रमुख चौक का नाम संत रविदास के नाम पर रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश में संत रविदास के प्रति सम्मान और उनकी शिक्षाओं का संदेश और व्यापक रूप से पहुंचेगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि वे विधानसभा अध्यक्ष से आग्रह करेंगे कि संत रविदास के प्रेरणादायी संदेशों को छत्तीसगढ़ विधानसभा परिसर में अंकित किया जाए। उनका मानना है कि इससे जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों को समानता, भाईचारे और सामाजिक न्याय का संदेश मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि संत रविदास की 650वीं जयंती वर्ष के तहत आयोजित कार्यक्रम अगले वर्ष फरवरी 2027 तक पूरे प्रदेश में जारी रहेंगे। इस दौरान विभिन्न जिलों में सांस्कृतिक, सामाजिक और जनजागरण से जुड़े आयोजन किए जाएंगे, ताकि संत रविदास के विचारों और उनके जीवन दर्शन को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाया जा सके।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि संत रविदास ने अपने जीवनभर जाति, भेदभाव और ऊंच-नीच के खिलाफ आवाज उठाई। उन्होंने समाज को समानता, प्रेम और भाईचारे का मार्ग दिखाया। राज्य सरकार उनके आदर्शों को आगे बढ़ाने और सामाजिक समरसता को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संत रविदास समाज के प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के सदस्य और श्रद्धालु उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री की घोषणाओं का कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने तालियों के साथ स्वागत किया और इसे संत रविदास के प्रति सम्मान का महत्वपूर्ण कदम बताया।