Rice Mill Scam: छत्तीसगढ़ में खाद्य विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। ग्रामीणों ने राइस मिल में सरकारी चावल पकड़ा, लेकिन सूचना देने के बावजूद अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे।
Rice Mill Scam: गरीबों को भुखमरी से बचाने के लिए सरकार सस्ते और निशुल्क चावल बांट रही है, लेकिन इस योजना को कुछ दलाल और राइस मिलर मिलकर बट्टा लगा रहे हैं। शासकीय उचित मूल्य की दुकानों का चावल लेकर राइस मिलरों को बेचा जा रहा है। कई हितग्राहियों को चावल के स्थान पर पैसा दे देते हैं। इसके बाद राशन दुकान संचालक और दलाल उस चावल को अधिक कीमत में राइस मिलरों को बेच रहे हैं।
शुक्रवार की रात गुढिय़ारी इलाके से एक ट्रक सरकारी चावल विधानसभा इलाके एक राइस मिल में भेजा गया था। ट्रक को कुछ ग्रामीण और जनप्रतिनिधियों ने पकड़ लिया। इसके बाद खाद्य विभाग को सूचना दी गई, लेकिन विभाग के अधिकारी कार्रवाई के लिए मौके पर नहीं पहुंचे। बताया जाता है कि रोज लाखों रुपए का चावल इसी तरह राइस मिलों में खपाया जा रहा है। शहर में आधा दर्जन से चावल तस्कर सक्रिय हैं, जो इसी तरह के सरकारी चावल को बेच रहे हैं। खाद्य विभाग इनके खिलाफ कोई एक्शन नहीं लेता है।
नागरिक आपूर्ति निगम के गोदाम में भी बड़ा खेल हो रहा है। कई राशन दुकानों का चावल यहां से निकलकर सीधे राइस मिलों में जा रहा है। ये राशन दुकान संचालक अपने हितग्राहियों को चावल का पैसा दे देते हैं। इसके बाद स्टॉक का चावल सीधे नान से राइस मिलरों को भेज रहे हैं। गुढिय़ारी वाले दलाल का चावल भी इसी तरह से विधानसभा की राइस मिल में पहुंचाया गया है।
चावल तस्करी की सूचना खाद्य विभाग के अधिकारियों को दी गई, लेकिन उन्होंने एक्शन नहीं लिया। बताया जाता है कि यह चावल शहर के बड़े चावल तस्कर का है। उसके खिलाफ कोई खाद्य अधिकारी कार्रवाई नहीं करता है। इस संबंध में खाद्य नियंत्रक भूपेंद्र मिश्रा को कई बार कॉल किया गया, लेकिन उन्होंने जवाब नहीं दिया।
Rice Mill Scam: शुक्रवार को ट्रक सीजी 04 एम 7389 गुढिय़ारी इलाके से करीब 30 टन सरकारी चावल लोड करके विधानसभा की राइस मिल के लिए निकला। यह चावल गुढिय़ारी और मौदहापारा के चावल तस्कर का बताया जा रहा है। ग्रामीणों ने ट्रक को राइस मिल में जाते हुए पकड़ा। इसकी सूचना खाद्य अधिकारियों को दी गई। विभाग ने ट्रक को नहीं पकड़ा और न ही इस मामले की जांच की।