
रायपुर. उत्पादन का बड़ा हिस्सा खरीदे बिना धान की सरकारी खरीदी बंद होने से कई जिलों में किसान गुस्से में हैं। कवर्धा में रायपुर-जबलपुर राजमार्ग पर दो दिनों से किसानों ने धरना दे रखा है। कांकेर में सैकड़ों किसानों ने चक्काजाम किया है। बीजापुर में भी जगह-जगह किसान सड़क रोककर बैठे हुए थे। किसान धान खरीदी की समय-सीमा 29 फरवरी करने की मांग कर रहे हैं। इधर, सरकार इसे किसानों का नहीं भाजपा का प्रदर्शन बता रही है।
अमरीका से लौटे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने धान खरीदी की तारीख आगे नहीं बढ़ाए जाने के संकेत दिए हैं। शुक्रवार को दिल्ली में संवाददाताओं से बातचीत में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि इस साल हमने सर्वाधिक धान खरीदा है। ढाई लाख अधिक किसानों ने इस बार धान बेचा है। भाजपा को कुछ नहीं मिल रहा है, इसलिए हल्ला कर रहे हैं। बता दें कि १ दिसम्बर से शुरू हुई धान खरीदी २० फरवरी तक चली। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग का दावा है कि इस बार 82 लाख 80 हजार मीट्रिक टन धान खरीदा गया है। इसके लिए किसानों को 14 हजार 751 करोड़ रुपए का भुगतान किया जाना है। सरकार किसानों को 14 हजार 400 करोड़ रुपए का भुगतान कर चुकी है।