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Chhattisgarh Monsoon Update: 50% बारिश बनी 100% परेशानी! छत्तीसगढ़ में गांव डूबे, सड़कें टूटीं, सिस्टम भी बेनकाब

Chhattisgarh Monsoon 2026: छत्तीसगढ़ में मानसून की 50% बारिश पूरी हो चुकी है, लेकिन कई जिलों में हालात बिगड़ गए हैं। बस्तर और महानदी क्षेत्र में सड़कें-पुल बह गए हैं, गांवों का संपर्क टूट गया है और प्रशासन लगातार रेस्क्यू अभियान चला रहा है।
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Chhattisgarh Monsoon Update

Chhattisgarh Monsoon Update: 50% बारिश बनी 100% परेशानी!(photo-patrika)

Chhattisgarh Monsoon Update: छत्तीसगढ़ में इस बार मानसून ने राहत के साथ परेशानी भी बढ़ा दी है। राज्य में अब तक औसतन 560.5 मिमी बारिश हो चुकी है, जो इस सीजन की लगभग 50 प्रतिशत वर्षा है। अच्छी बारिश से खेती को फायदा मिला है, लेकिन कई जिलों में लगातार हो रही तेज बारिश से हालात बिगड़ गए हैं। बस्तर और महानदी से जुड़े इलाकों में सड़कें और पुल-पुलिया बह गई हैं, कई गांवों का संपर्क टूट गया है और लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए प्रशासन लगातार रेस्क्यू अभियान चला रहा है।

Monsoon Update: राज्य में सामान्य से बेहतर बारिश, रायपुर में 26% अधिक वर्षा

मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार तक प्रदेश में औसतन 560.5 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। राजधानी रायपुर में सामान्य से करीब 26 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज हुई है। हालांकि विभाग ने 1 अगस्त से बारिश की गतिविधियों में कुछ कमी आने की संभावना जताई है।

महानदी उफान पर, सारंगढ़ के 19 गांवों में अलर्ट

गंगरेल और हीराकुंड बांध से पानी छोड़े जाने के बाद महानदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इसे देखते हुए सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के 19 गांवों में प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। सरिया तहसील का ठेंगागुड़ी गांव चारों तरफ पानी से घिर गया है और टापू जैसी स्थिति बन गई है। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।

बस्तर में बारिश बनी आफत, सड़कें और पुल बह गए

दक्षिण बस्तर के बीजापुर, दंतेवाड़ा, सुकमा, नारायणपुर और कोंडागांव जिलों में लगातार बारिश के कारण कई सड़कें और पुल-पुलिया क्षतिग्रस्त हो गई हैं। कई ग्रामीण इलाकों का संपर्क मुख्य मार्गों से टूट गया है, जिससे लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है।

एयरलिफ्ट और घंटों चला रेस्क्यू ऑपरेशन

बारिश के बीच कई जगह प्रशासन और सुरक्षा बलों को राहत अभियान चलाना पड़ा। महाराष्ट्र सीमा से लगे गढ़चिरौली के भामरागड क्षेत्र में नदियों के उफान से लाहेरी गांव का संपर्क टूट गया। यहां बीमार पड़े 35 वर्षीय शमसुंदर नरोती को पुलिस और प्रशासन ने एयरलिफ्ट कर अस्पताल पहुंचाया। वहीं बलौदाबाजार जिले के तुरमा गांव में उफनती महानदी के बीच फंसे एक परिवार के चार सदस्यों को पुलिस ने करीब पांच घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सुरक्षित बाहर निकाला।

अबूझमाड़ में BSF कैंप भी जलभराव की चपेट में

अबूझमाड़ में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश का असर सुरक्षा व्यवस्था पर भी पड़ा है। भारी जलभराव के चलते बीएसएफ का कैंप पानी में डूब गया, जिससे जवानों को सुरक्षित रहने के लिए अस्थायी रूप से ऊंचे स्थानों, छतों और पेड़ों का सहारा लेना पड़ा। कैंप में जलभराव के कारण सामान्य गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं तथा हालात सामान्य होने के बाद आवश्यक व्यवस्थाएं बहाल करने की तैयारी की जा रही है।

जिला अस्पताल की सीलिंग गिरी, भवन की हालत पर उठे सवाल

लगातार बारिश ने सरकारी भवनों की स्थिति भी उजागर कर दी। जांजगीर-चांपा जिला अस्पताल के टीबी वार्ड की फॉल सीलिंग अचानक गिर गई। राहत की बात रही कि घटना के समय कोई मरीज इसकी चपेट में नहीं आया। सभी मरीजों को दूसरे वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। जिला कलेक्टर जनमेजय महोबे ने मामले को गंभीर बताते हुए जांच के निर्देश दिए हैं। अस्पताल भवन में पहले से सीपेज और पानी टपकने की शिकायतें सामने आती रही हैं।

प्रशासन अलर्ट, लोगों से सावधानी बरतने की अपील

लगातार बारिश और बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। साथ ही बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव दलों को सक्रिय रखा गया है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में बारिश की तीव्रता कम हो सकती है, लेकिन जलभराव वाले क्षेत्रों में अभी भी सतर्कता बरतना जरूरी होगा।