
Automobile Sales: राज्य में ऑटोमोबाइल सेक्टर में गुड्स एंड सर्विस टैक्स (GST) के स्लैब में बदलाव के बाद वाहनों की बिक्री में तेजी आई है। ईंधन से चलने वाले वाहनों की बिक्री में करीब 7 फीसदी, जबकि इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की बिक्री में रिकॉर्ड 27.72 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है। GST स्लैब कम होने के बाद सितंबर 2025 से अगस्त 2026 के बीच राज्य में कुल 8,13,373 वाहनों की बिक्री हुई। इनमें 60,901 इलेक्ट्रिक वाहन शामिल हैं। वहीं, सितंबर 2024 से अगस्त 2025 के बीच कुल 7,51,255 वाहनों की बिक्री हुई थी, जिसमें 47,682 EV शामिल थे।
फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन से मिली जानकारी के अनुसार, GST लागू होने के बाद स्लैब में कमी किए जाने का ऑटोमोबाइल बाजार पर सकारात्मक असर देखने को मिला। इस दौरान दोपहिया वाहनों से लेकर कार और कमर्शियल वाहनों तक की बिक्री में बढ़ोतरी दर्ज की गई।
डीलरों के अनुसार, GST स्लैब में कमी का सीधा लाभ वाहन खरीदारों को मिला। टैक्स में राहत मिलने से वाहनों की कीमतों में कमी आई, जिसके चलते खासकर त्योहारी सीजन में वाहनों की खरीदारी बढ़ी। कई जगहों पर मांग बढ़ने के कारण वाहनों की सप्लाई में भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
वर्तमान में EV पर 5 फीसदी, दोपहिया, छोटी कार और कमर्शियल वाहनों पर 18 फीसदी, जबकि लग्जरी कार और 350 सीसी से अधिक क्षमता वाली दोपहिया गाड़ियों पर 40 फीसदी GST दर है। GST लागू होने के समय वाहनों पर 18 से 40 फीसदी तक GST लगता था, जिसे बाद में संशोधित कर 5 से 18 फीसदी तक किया गया।
GST 2.0 के बाद ऑटोमोबाइल सेक्टर में तेजी देखने को मिली है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, यह अब तक वाहनों की बिक्री का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है। कीमतों में कमी के बाद वाहन खरीदारों की मांग बढ़ी है। पहले कारों पर टैक्स और सेस मिलाकर करीब 29 से 31 फीसदी तक कर लगता था, जो अब 18 फीसदी होने से छोटी कारों की मांग में बढ़ोतरी देखने को मिली।
फाडा के प्रदेश अध्यक्ष गौरव गर्ग के मुताबिक, GST स्लैब कम होने से ऑटोमोबाइल सेक्टर में तीन स्तरों पर ग्रोथ देखने को मिली। वाहन की कीमत कम होने से खरीदारों को लाभ मिला। वहीं, कंपनियों को उत्पादन बढ़ाने का फायदा हुआ और राज्य सरकार को राजस्व प्राप्त हुआ।
वाहन श्रेणी - सितंबर 2025-अगस्त 2026 - सितंबर 2024-अगस्त 2025
EV श्रेणी - सितंबर 2025-अगस्त 2026 - सितंबर 2024-अगस्त 2025