
IMD Heavy Rain Alert: छत्तीसगढ़ में पिछले कुछ दिनों से धीमा पड़ा मानसून अब एक बार फिर रफ्तार पकड़ने जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार 4 अगस्त से प्रदेशभर में मानसूनी गतिविधियां तेज होने की संभावना है। इसके प्रभाव से रायपुर सहित अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर शुरू होगा, जबकि अगले 48 घंटों के दौरान कई इलाकों में तेज बारिश, गरज-चमक और वज्रपात की स्थिति बन सकती है। इससे लगातार बनी उमस से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
सोमवार को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम लगभग शुष्क बना रहा। कई जिलों में दिनभर बादल छाए रहे, लेकिन बारिश नहीं हुई। राजधानी रायपुर समेत कई शहरों में बारिश की कमी के कारण तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया गया और उमस भरी गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी। मौसम विभाग के अनुसार बारिश की कमी का असर दिन और रात दोनों के तापमान पर दिखाई दिया। लोगों को गर्मी के साथ चिपचिपी उमस का सामना करना पड़ा।
हालांकि पूरे प्रदेश में बारिश की रफ्तार धीमी रही, लेकिन बलरामपुर जिले में बादलों ने अच्छी बारिश दर्ज कराई। बीते 24 घंटों के दौरान रघुनाथनगर में 80 मिमी और वाड्रफनगर में 70 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा खड़गांव, रामानुजगंज और रामचंद्रपुर क्षेत्रों में भी अच्छी बारिश हुई। इन इलाकों में हुई वर्षा से स्थानीय लोगों को गर्मी से राहत मिली और खेतों में नमी बढ़ने से किसानों को भी फायदा पहुंचा।
मौसम विभाग का कहना है कि मानसून द्रोणिका (Monsoon Trough) फिलहाल उत्तर भारत से होकर गुजर रही है। इसके सक्रिय होने के कारण छत्तीसगढ़ में नमी बढ़ रही है और मानसूनी सिस्टम मजबूत हो रहा है। इसी वजह से मंगलवार से प्रदेश के अधिकांश जिलों में बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी। कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, जबकि कुछ इलाकों में तेज बारिश भी दर्ज की जा सकती है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले दो दिनों में बारिश का दायरा और तीव्रता दोनों बढ़ सकती हैं। कई जिलों में गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ने की संभावना है। कुछ स्थानों पर भारी बारिश और वज्रपात की भी चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की अपील की है। खुले मैदानों, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों के आसपास जाने से बचने की सलाह दी गई है। किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखने को कहा गया है।
राजधानी रायपुर में सोमवार को अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से लगभग 4 डिग्री अधिक रहा। दिनभर बादल छाए रहने के बावजूद बारिश नहीं होने से उमस काफी बढ़ गई थी। मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को रायपुर में मौसम का मिजाज बदलने की पूरी संभावना है। दिनभर बादल छाए रहेंगे और दोपहर या शाम के समय गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। इससे तापमान में गिरावट आने और लोगों को उमस से राहत मिलने की उम्मीद है।
मानसूनी गतिविधियों के दोबारा सक्रिय होने से प्रदेश के किसानों को भी राहत मिलने की संभावना है। धान समेत खरीफ फसलों के लिए इस समय अच्छी बारिश बेहद जरूरी मानी जाती है। लगातार बारिश होने से खेतों में पर्याप्त नमी बनी रहेगी और खेती-किसानी के कार्यों को गति मिलेगी।
बारिश और वज्रपात के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें। यदि बाहर हों तो सुरक्षित स्थान पर शरण लें। खुले मैदान, पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचें। वाहन चलाते समय भी विशेष सावधानी बरतें और मौसम विभाग की ओर से जारी ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखें।