
Drug Racket investigation: हाईप्रोफाइल ड्रग्स स्कैंडल की कडि़यां जोड़ने और पर्दे के पीछे छुपे चेहरों को बाहर लाने की कवायद फिर शुरू हो गई है। नव्या मलिक ड्रग्स मामले की जांच अब ईडी ने भी शुरू कर दी है। इसमें ब्लैकमनी खपाने की आशंका जताई जा रही है। ईडी इस मामले में मनी लॉड्रिंग, मनी ट्रेल जैसे बिंदुओं की जांच करेगी। इसके लिए ईडी ने पुलिस से प्रकरण की चार्जशीट की कॉपी मांगी है। पुलिस ने मामले की जांच करके चार्जशीट पेश कर दी है। कोर्ट में इस मामले का ट्रायल चल रहा है। इस बीच ईडी द्वारा चार्जशीट मांगने से हड़कंप मच गया है।
इस मामले में ईडी की एंट्री से ड्रग्स सिंडीकेट से जुड़े ऐसे लोगों की परेशानी बढ़ गई है, जिनका नाम अब तक पुलिस ने उजागर नहीं किया है। उल्लेखनीय है कि पुलिस ने नव्या मलिक को इस स्कैंडल की मास्टरमाइंड माना है। नव्या की गिरफ्तारी और उसके तीन मोबाइल जब्त होने के बाद कई नेताओं, कारोबारियों और प्रभावशाली लोगों के नाम सामने आए थे। ये लोग सीधे नव्या से जुड़े थे।
एमडीएमए (ड्रग्स) तस्करी के मामले में मास्टरमाइंड नव्या सहित अयान परवेज, विधि अग्रवाल, ऋषिराज टंडन, सोहेल खान, जुनैद अख्तर, हर्ष आहुजा, मोनू विश्नोई, दीप धनोरिया की गिरफ्तारी हुई थी। वर्तमान में सभी को हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है।
23 अगस्त 2025 की रात पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर देवेंद्र नगर ओवरब्रिज के नीचे छापा मारकर हर्ष आहुजा, दीप धनोरिया और मोनू विश्नोई को गिरफ्तार किया था। तीनों के पास से एमडीएमए (ड्रग्स) जब्त की गई थी। पूछताछ में मोनू ने खुलासा किया कि उसे नव्या मलिक ने ड्रग्स का आर्डर दिया था और ड्रग्स हर्ष को देने के लिए कहा था। इसके लिए हरियाणा से मोनू दिल्ली पहुंचा। दिल्ली के ड्रग्स माफिया से ड्रग्स लेकर रायपुर पहुंचा। इसके बाद हर्ष को डिलीवर करने वाला था। इस बीच पुलिस ने उठा लिया। इसके बाद मुंबई से नव्या और अयान को पकड़ा गया। इसके बाद इवेंट मैनेजमेंट का काम करने वाली विधि अग्रवाल व अन्य आरोपी गिरफ्त में आए। विधि अलग-अलग होटल-क्लबों मेें पार्टी का आयोजन करती थी।
नव्या की गिरफ्तारी के बाद कई हाईप्रोफाइल लोगों के नाम सामने आए। इसमें विधायक का रिश्तेदार, होटल कारोबारी, कार कारोबारी, इंटीरियर कारोबारी सहित कई नेताओं के नाम भी सामने आए। इसमें 800 से ज्यादा लोगों की पहचान हुई थी, जो ड्रग्स का सेवन करते थे। कई नाइट क्लबों के मैनेजर, बाउंसर भी इस रैकेट का हिस्सा थे। इसके अलावा नव्या के विदेश दौरों का खुलासा हुआ। उसके साथ शहर कुछ रईसजादे भी गए हैं।
नव्या मलिक ड्रग्स केस का मामला विधानसभा में भी उठा था। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सदन में मुद्दा उठाया था। इसके बाद भी पुलिस ने अब तक जो आरोपी पकड़े गए हैं, उन्हीं को अंतिम आरोपी मानकर चालान पेश कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक नव्या और अन्य आरोपियों की कॉल डिटेल की जांच अब तक नहीं हुई है।