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रिंग रोड चौड़ीकरण के लिए 100 करोड़ मंजूर फिर भी काम शुरू नहीं, रायपुर के 5 लाख लोग परेशान

Raipur News: राजधानी रायपुर के रिंग रोड नंबर 1 के चौड़ीकरण के लिए 100 करोड़ मंजूरी होने के बाद भी काम शुरू नहीं हो पाया है। इसके कारण राहत के लिए 5 लाख लोग तरस रहे हैं..

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रिंग रोड चौड़ीकरण के लिए 100 करोड़ मंजूर फिर भी काम शुरू नहीं ( Photo - Patrika )

Chhattisgarh News: अजय रघुवंशी. रिंग रोड नं.1 में सर्विस रोड चौड़ीकरण के लिए केंद्र सरकार ने इसी साल फरवरी में 100 करोड़ रुपए स्वीकृत कर दिए हैं, लेकिन यह परियोजना अब विभागीय खींचतान का शिकार हो गई है। सेरीखेड़ी से सरोना ओवरब्रिज तक 14.25 किलोमीटर लंबे हिस्से में दोनों ओर 10-10 मीटर सर्विस लेन चौड़ी होनी है। इससे राजधानी ( Raipur News ) और आसपास के क्षेत्रों के करीब पांच लाख लोगों को राहत मिलती, लेकिन निर्माण कार्य शुरू होने से पहले रास्ते में खड़े बिजली खंभों और ट्रांसफार्मरों को हटाने का काम भुगतान विवाद में फंस गया है।

Raipur News: वजह है सब्जेट ऑफ पेमेंट की शर्त

दरअसल छग राज्य विद्युत वितरण कंपनी (सीएसपीडीसीएल) ने सर्विस रोड से बिजली खंभे और पोल हटाने के पहले एनएचएआई से पैसे की डिमांड कर दी है। बिजली विभाग का कहना है कि खंभों और ट्रांसफार्मरों के शिफ्टिंग कार्य के लिए पहले भुगतान जरूरी है, तभी वर्कऑर्डर जारी किया जाएगा। दूसरी ओर एनएचएआई का तर्क है कि भुगतान प्रक्रिया में अभी दो सप्ताह तक का समय लग सकता है।

सर्विस रोड संकरी, इसलिए दुर्घटनाएं भी

सर्विस लेन के चौड़ीकरण से लाभांडी, तेलीबांधा, पचपेड़ी नाका, संतोषी नगर, भाठागांव, मठपुरैना, कुशालपुर, प्रोफेसर कॉलोनी, वॉल्फोर्ट सिटी के आस-पास के क्षेत्र, डीडी नगर, चंगोराभाठा, रायपुरा, सरोना, इंद्रप्रस्थ कॉलोनी सहित अंतरराज्यीय बस स्टैंड को फायदा मिलता। सरोना जैसे हाईवे से सटे इलाकों में रहने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। वर्तमान में इस मार्ग पर चौबीसों घंटे भारी वाहनों का भारी दबाव रहता है, जिससे स्थानीय यातायात प्रभावित होता है और अक्सर जाम की स्थिति बनती है।

इसलिए आगे नहीं बढ़ पा रहा प्रोजेक्ट

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) और बिजली विभाग के बीच राशि जारी करने को लेकर सहमति नहीं बन पाने से पूरा प्रोजेक्ट आगे नहीं बढ़ पा रहा है। इसके अलावा अवैध कब्जों को हटाने का काम अभी तक शुरू नहीं हो पाया है। इसका खामियाजा उन वाहन चालकों को भुगतना पड़ रहा है, जिसे सर्विस रोड छोडकऱ मजबूरी में मुंबई-हावड़ा हाईवे पर आना पड़ रहा है। इससे दुर्घटनाएं भी बढ़ रही हैं।

पहले ही चूक, बीच सड़क पर खंभे और ट्रांसफार्मर

जहां चौड़ीकरण प्रस्तावित है, वहां कई स्थानों पर बिजली के खंभे और ट्रांसफार्मर बीच मार्ग में ही लगा दिए गए हैं। जबकि इस कॉरिडोर में दोनों ओर 10-10 मीटर चौड़ी सर्विस लेन विकसित किए जाने की योजना तय थी।

एनएचएआई, प्रोजेक्ट डायरेक्टर दिग्विजय सिंह ने कहा कि तीन अलग-अलग चरणों में ट्रांसफार्मर और बिजली खंभे हटाने की लागत लगभग 24 करोड़ रुपए पर सहमति बनी है। हमने सीएसपीडीसीएल को टेंडर व वर्कऑर्डर जारी करने कहा है। पेमेंट में कम से कम दो हफ्ते का समय लगेगा।

सीएसपीडीसीएल सुप्रिटेंडेंट इंजीनियर, महावीर विश्वकर्मा ने कहा ​कि सर्विस रोड से ट्रांसफार्मर और बिजली खंभे हटाने के लिए सर्वे हो चुका है। सब्जेक्ट ऑफ पेमेंट की शर्त के बारे में एनएचएआई को सूचित कर दिया गया है। बिना पेमेंट के वर्कऑर्डर ही जारी नहीं किया जा सकता है।