
रायपुर@दिनेश कुमार।Raipur illegal construction: प्रदेश सहित रायपुर में बिजली के खंभों और हाईटेंशन लाइनों के नीचे व आसपास बने अवैध मकान आए दिन बड़े हादसों को निमंत्रण दे रहे हैं। शहर के कई इलाकों में नियमों को ताक पर रखकर बिजली के खंभों के बेहद नजदीक मकान तान दिए गए हैं, या तारों के ठीक नीचे निर्माण कर लिया गया है। बिजली विभाग के नियमानुसार 33केवी, 11केवी और एलटी (लो-टेंशन) लाइनों के खंभों से घरों की एक निश्चित दूरी तय की गई है।
भवन निर्माण के समय इस निर्धारित दूरी को छोड़ना अनिवार्य है, लेकिन लोग न सिर्फ नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं, बल्कि घरों के आगे अवैध छज्जे और सीढ़ियां निकालकर सीधे मौत को बुलावा दे रहे हैं। इस पूरे खेल में बिजली विभाग के अधिकारी भी सिर्फ नोटिस देने की रस्म अदायगी कर शांत बैठ जाते हैं, जिससे मकान मालिकों के हौसले बुलंद हैं। अधिकारियों के मुताबिक, नियम विरुद्ध निर्माण करने वालों को केवल चेतावनी नहीं दी जाती, बल्कि इसकी सूचना अन्य संबंधित विभागों को भी दी जाती है ताकि वे निर्माण रुकवा सकें।
सुरक्षा के लिहाज से विद्युत सुरक्षा शाखा और बिजली विभाग के कड़े प्रावधान हैं। भवन से बिजली तारों की क्षैतिज दूरी कम से कम 1.20 मीटर होनी चाहिए। भवन की ऊर्ध्वाधर ऊंचाई ऊपर से गुजरने वाले बिजली तार से कम से कम 2.50 मीटर नीचे होनी चाहिए। इसके बावजूद शहरभर में इन नियमों का उल्लंघन कर धड़ल्ले से निर्माण कार्य जारी हैं।
रायपुर में कई बड़े-बड़े व्यावसायिक और आवासीय निर्माण अवैध तरीके से बिजली लाइनों के साए में हो रहे हैं। बिजली विभाग जहां नोटिस जारी कर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेता है, वहीं नगर निगम का अमला भी इस तरफ से आंखें मूंदे बैठा है। जब कोई बड़ी दुर्घटना हो जाती है, तब दोनों विभाग जागते हैं और अपनी कमियां छुपाने के लिए सारा दोष मकान मालिक पर मढ़कर बचने के बहाने ढूंढने लगते हैं।
शहर में बिजली तारों के नीचे और खंभों के पास नियम विरुद्ध बने निर्माणों को विभाग समय-समय पर नोटिस जारी करता है। इस नोटिस की कॉपी पुलिस विभाग, नगर निगम और विद्युत सुरक्षा शाखा समेत पांच संबंधित विभागों को भेजी जाती है और कार्रवाई का अनुरोध किया जाता है ताकि आकस्मिक दुर्घटनाओं को रोका जा सके। - महावीर विश्वकर्मा, एसई (रायपुर परिक्षेत्र-1)