
Raipur Badminton Player: विश्व ओलंपिक दिवस के अवसर पर रायपुर के 24 वर्षीय अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन खिलाड़ी इशान भटनागर ने अपने सफर और भविष्य के सपनों को साझा करते हुए कहा कि 2024 ओलंपिक उनके बेहद करीब था, लेकिन 2023 में लगी चोट के कारण उनका सपना अधूरा रह गया। हालांकि उन्होंने हार नहीं मानी है और अब उनका पूरा ध्यान 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक पर है। इशान ने कहा कि छोटे शहर से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करना अपने आप में गर्व का क्षण होता है। इससे न केवल परिवार और समाज में सम्मान मिलता है, बल्कि छोटे शहरों के बच्चों को भी यह विश्वास मिलता है कि वे भी बड़े मंच तक पहुंच सकते हैं।
अपने कॅरियर की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि विश्व रैंकिंग में 18वां स्थान हासिल करना उनके लिए सबसे बड़ी पहचान है। इसके अलावा उन्होंने मात्र 21 वर्ष की उम्र में प्रतिष्ठित सैयद मोदी सुपर-300 टूर्नामेंट का खिताब जीता था। वर्ष 2019 के जूनियर राष्ट्रीय खेलों में भी उन्होंने दो स्वर्ण पदक अपने नाम किए।
इशान का मानना है कि किसी भी खिलाड़ी के लिए सबसे बड़ी चुनौती चोट से बचना है। उन्होंने कहा कि जितना अधिक खिलाड़ी अपनी फिटनेस और शरीर का ध्यान रखेगा, उतने लंबे समय तक खेल में टिके रहने की संभावना बढ़ेगी।
खेल सुविधाओं पर उन्होंने कहा कि भारत में खेलों को बढ़ावा देने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है, लेकिन देश के विशाल आकार के कारण हर खिलाड़ी तक समान सुविधाएं पहुंचाना आसान नहीं है। फिर भी खिलाडिय़ों को पहले की तुलना में बेहतर समर्थन मिल रहा है। प्रधानमंत्री द्वारा खिलाडिय़ों को प्रोत्साहित किए जाने को उन्होंने सकारात्मक पहल बताया। उन्होंने कहा कि किसी खिलाड़ी के लिए प्रधानमंत्री से सीधे मिलना और बातचीत करना भी एक बड़ी उपलब्धि होती है।
युवा खिलाडिय़ों को संदेश देते हुए इशान ने कहा कि जिस भी क्षेत्र को चुनें, पूरे दिल और पूरी मेहनत के साथ उसमें जुटें। परिणाम की चिंता न करें, यदि समर्पण और मेहनत सच्ची होगी तो सफलता निश्चित रूप से मिलेगी।