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रायपुर में 10 साल से स्कूल भवन का इंतजार, जर्जर छत के नीचे पढ़ने को मजबूर बच्चे

School Building Crisis: गोबरा नवापारा के ग्राम पंचायत सोनसिल्ली में शिक्षा व्यवस्था बदहाल है। 2016 में जर्जर होने के कारण तोड़ा गया प्राथमिक स्कूल भवन आज तक नहीं बन पाया है, जबकि पूर्व माध्यमिक स्कूल की छत से मलबा झड़ रहा है।

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School Building Demand

सोनसिल्ली में शिक्षा व्यवस्था बदहाल (photo source- Patrika)

@विनोद जैन/School Building: गोबरा नवापारा क्षेत्र के ग्राम पंचायत सोनसिल्ली में शिक्षा व्यवस्था गंभीर संकट से गुजर रही है। एक ओर प्राथमिक शाला का भवन पिछले 10 वर्षों से नहीं बन पाया है, वहीं दूसरी ओर पूर्व माध्यमिक शाला का भवन भी जर्जर होकर बच्चों की सुरक्षा के लिए खतरा बन चुका है। हालात ऐसे हैं कि छत से मलबा झड़ने के बावजूद छात्र-छात्राएं उसी भवन में पढ़ाई करने को मजबूर हैं।

Education Department News: 2016 में तोड़ा गया था प्राथमिक शाला भवन

जानकारी के अनुसार वर्ष 2016 में प्राथमिक शाला भवन को जर्जर घोषित कर सुरक्षा कारणों से तोड़ दिया गया था। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों को उम्मीद थी कि जल्द ही नया भवन बन जाएगा, लेकिन एक दशक बीत जाने के बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका। नतीजतन बच्चों को आज भी पर्याप्त सुविधाओं से वंचित रहना पड़ रहा है।

एक ही भवन में दो पालियों में संचालित हो रहा स्कूल

विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शिक्षा विभाग द्वारा प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालय का संचालन एक ही भवन में दो पालियों में करने के निर्देश जारी किए गए थे। वर्तमान में पहली पाली सुबह 7 बजे से 11:45 बजे तक और दूसरी पाली 11:50 बजे से शाम 5 बजे तक संचालित की जा रही है। हालांकि यह व्यवस्था अस्थायी समाधान के रूप में लागू की गई थी, लेकिन वर्षों बाद भी इसे स्थायी रूप से बदलने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

Students Education Problem: कक्षाओं की कमी से प्रभावित हो रही पढ़ाई

ग्राम पंचायत सोनसिल्ली के सरपंच अजय कुमार साहू ने बताया कि विद्यालय में कक्षों की भारी कमी है। स्थिति यह है कि पहली और दूसरी कक्षा के विद्यार्थियों को एक ही कमरे में बैठाकर पढ़ाया जाता है। वहीं तीसरी और चौथी कक्षा को दूसरे कमरे में संचालित किया जा रहा है, जबकि पांचवीं कक्षा की पढ़ाई प्रधान पाठक कक्ष में कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों के बीच शिक्षकों को पढ़ाई करानी पड़ रही है, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है और बच्चों को भी पढ़ाई में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

जर्जर भवन में हादसे का खतरा

ग्रामीणों के मुताबिक पूर्व माध्यमिक शाला भवन की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। भवन की छत और दीवारों से मलबा गिरने की घटनाएं सामने आ रही हैं। ऐसे में बच्चों और शिक्षकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते नया भवन नहीं बनाया गया तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

कई बार उठाई गई मांग, नहीं मिला समाधान

ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले कई वर्षों में कई बार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपे गए। स्कूल भवन निर्माण की मांग विभिन्न मंचों पर उठाई गई, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। ग्रामीणों का कहना है कि जब भवन को 2016 में जर्जर मानकर तोड़ दिया गया था, तो उसके स्थान पर नया भवन निर्माण प्राथमिकता में होना चाहिए था।

Chhattisgarh Latest News: नया सत्र शुरू, लेकिन समस्याएं जस की तस

15 जून से नया शैक्षणिक सत्र प्रारंभ हो चुका है। बच्चे उत्साह के साथ स्कूल पहुंच रहे हैं, लेकिन उन्हें आज भी मूलभूत सुविधाओं के अभाव में पढ़ाई करनी पड़ रही है। शिक्षा विभाग और प्रशासन की उदासीनता के कारण न केवल बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है, बल्कि उनकी सुरक्षा भी दांव पर लगी हुई है।

गांव के लोगों ने शासन-प्रशासन से जल्द से जल्द नए स्कूल भवन के निर्माण की मांग की है। उनका कहना है कि बच्चों को सुरक्षित वातावरण में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो ग्रामीण आंदोलन का रास्ता भी अपना सकते हैं।