बीवी को नहीं कर सकते नाराज, इसलिए हाईलाइट देख लेते हैं
अगर अपने सपने को वास्तविकता में बदलना है तो आपको जिम्मेदारी उठानी होगी। समर सीजन मेंअप्रैल के सेकेंड वीक से आइपीएल शुरू है और लोगों में इसको लेकर एक अलग ही तरह का क्रेज रहता है। आइपीएल के प्रति दीवानगी भी क्यों न हो, क्योंकि ये इंडिया का किक्रेट जो है। आइपीएल को देखने के लिए सबमें एक्साइटमेंट रहता है, लेकिन कुछ वुमन्स रहती हैं जो अपने फेवरेट सीरियल को अवाइड करना नहीं चाहती एेसे में उन हसबैंड को मुसीबत सामने आ जाती है कि आइपीएल का मजा लें या फिर बीवी-बच्चों की ख्वाहिश पूरी करें। कामकाजी पुरुषों ने बताया कि वे किस तरह इस सिच्यूशन को हैंडल करते हैं।
छग पुलिस के इंस्पेक्टर रुस्तम सारंग ने कहा कि शौक तो बुहत है आइपीएल देखने का, लेकिन काम के चलते देख नहीं पाता। रात को घर पहुंचता हूं तो घर के काम भी होते हैं। कभी मार्केट से ये लाओ तो कभी वो। थोड़ा-बहुत टाइम मिलता है तो मैच देखता हूं। मेरे बेडरूम के सामने टीवी है, जैसे ही ओपन होती है तो वाइफ बोलती है कि कम साउंड करो। तो आइपीएल तो हाइलाइट पर भी देख सकते हैं इसके चक्कर में बीवी को नाराज नहीं कर सकते।
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के मैनेजर नरेंद्र परमार ने कहा कि मैं आइपीएल का बहुत ही शौकीन हूं, लेकिन ऑफिस के काम के चलते कम देख पाता हूं।घर पहुंचते-पहुंचते शाम के सात बजही जाते हैं। दिसंबर में शादी हुई है और मेरी वाइफ डॉक्टर है। उनको नेशनल जियाोग्राफी देखने का बढ़ा ही शौक है। उनके फेवरेट शो की टाइमिंग भी आठ से नौ बजे तक है वो भी अनस्टॉपब्रेक। तो आइपीएल की हाइलाइट देखता हूं और कभी-कभी जब सीएसके व मुंबई का मैच होता है तो दोनों मिलकर देखते हैं। क्योंकि उनकी फेवरेट टीम सीएसके है और मेरी मुंबई।
बिजनेसमैन कुलदीप सिंह ने कहा कि आइपीएल को मैं शुरू से ही देखता हूं। मेरा बिजनेस है तो ऑफिस में देर रात तक रहता हूं। वहां अपने स्टॉफ के साथ मैच देखता हूं। जब-कभी ऑफिस आने का मन नहीं होता तो घर पर ही दो टीवी है। अकेले देखता हूं। मेरी पत्नी हाउसवाइफ हैं तो सीरियल देखने की बड़ी शौकीन है। हाइलाइट देख लेता हूं उन्हें नाराज थोड़ी करूंगा।