रायपुर

Jhiram Ghati Attack: झीरम घाटी हमले पर फैसला आज! सिंहदेव ने बताया घटना के दिन सुरक्षा में क्या हुआ था

TS Singh Deo: झीरम घाटी मामले में एनआईए कोर्ट के संभावित फैसले से पहले टीएस सिंहदेव ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने खुद को घटना का प्रत्यक्षदर्शी बताते हुए कहा कि उस दिन इलाके में पर्याप्त पुलिस बल तैनात नहीं था।
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Aug 31, 2026
Jhiram Ghati Attack
Jhiram Ghati Attack: झीरम घाटी हमले पर फैसला आज!(photo-patrika)

Jhiram Ghati Attack: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित झीरम घाटी मामले में सोमवार को एनआईए कोर्ट के संभावित फैसले से पहले पूर्व उप मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने हमले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। सिंहदेव ने कहा कि वे खुद झीरम घटना के प्रत्यक्षदर्शी रहे हैं। उन्होंने जगदलपुर पहुंचकर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के सामने अपनी आंखों देखी घटना का बयान दर्ज कराया था। सिंहदेव के मुताबिक, घटना के दिन पूरे इलाके में पुलिस की मौजूदगी बेहद कम थी और रास्ते में पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात नहीं था।

Jhiram Valley Case: घटना के दिन सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल

टीएस सिंहदेव ने कहा कि झीरम घाटी में जिस दिन हमला हुआ, उस समय पूरे इलाके में पुलिस की मौजूदगी लगभग शून्य थी। उनके मुताबिक, घटना वाले मार्ग पर पर्याप्त संख्या में सुरक्षा बल तैनात नहीं था। सिंहदेव ने कहा कि घटना से जुड़े सुरक्षा इंतजाम और अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी उन्होंने जांच एजेंसी के सामने अपने बयान में दी है। अब उन्हें उम्मीद है कि इन तथ्यों को मामले की जांच और न्यायिक प्रक्रिया में उचित स्थान मिलेगा।

खुद रहे हैं झीरम हमले के प्रत्यक्षदर्शी

सिंहदेव ने बताया कि वह झीरम घाटी हमले के प्रत्यक्षदर्शी रहे हैं। घटना के बाद उन्होंने जगदलपुर पहुंचकर एनआईए के समक्ष अपनी आंखों देखी जानकारी दर्ज कराई थी। उनके अनुसार, उनके बयान में घटना के दौरान सामने आए कई अहम पहलुओं का उल्लेख किया गया है। उनका कहना है कि इन तथ्यों को मामले की पूरी तस्वीर समझने के लिए गंभीरता से देखा जाना चाहिए।

‘जिम्मेदारी तय होगी तभी मिलेगा न्याय का संतोष’

फैसले से पहले सिंहदेव ने कहा कि पीड़ितों और कांग्रेस नेताओं के लिए न्याय तभी सार्थक होगा, जब घटना के लिए जिम्मेदारी भी तय हो। उन्होंने कहा कि यदि जांच और फैसले में सुरक्षा व्यवस्था समेत उनके द्वारा बताए गए तथ्यों को जगह मिलती है और झीरम कांड की जिम्मेदारी तय होती है, तभी उन्हें न्याय मिलने का वास्तविक संतोष होगा।

फैसले पर टिकी सबकी नजर

झीरम घाटी मामले का फैसला लंबे समय से चली आ रही जांच और न्यायिक प्रक्रिया के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। फैसले से पहले सिंहदेव के बयान ने एक बार फिर घटना के दौरान सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े सवालों को चर्चा में ला दिया है। अब सभी की नजरें एनआईए कोर्ट के संभावित फैसले पर हैं। फैसले के बाद यह स्पष्ट होगा कि अदालत मामले में किन तथ्यों और पहलुओं को किस तरह देखती है।

Updated on:
31 Aug 2026 11:05 am
Published on:
31 Aug 2026 11:04 am